12 शिक्षकों को नोटिस, छह ने दिए जवाब, चार लापता

 12 शिक्षकों को नोटिस, छह ने दिए जवाब, चार लापता

आजमगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ शिक्षकों के नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि एक जैसी होने के बावजूद उनकी एक से अधिक मानव संपदा आईडी सक्रिय हैं। इस गड़बड़ी को गंभीर मानते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला सिर्फ तकनीकी त्रुटि है या नियमों की अनदेखी—इसे स्पष्ट करने के लिए official announcement के तहत संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला? Official Details

मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार मिश्रा ने आजमगढ़, मऊ और बलिया के बीएसए को पत्र भेजकर जांच के निर्देश दिए। पत्र में स्पष्ट किया गया कि कई मामलों में एक ही विवरण वाले कार्मिकों की दो-दो मानव संपदा आईडी सक्रिय पाई गई हैं।

आंकड़ों के अनुसार:

आजमगढ़ में 12 शिक्षक

बलिया में 6 शिक्षक

मऊ में 2 शिक्षक

इन मामलों को चिह्नित किया गया है। विभाग ने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा माना है, क्योंकि मानव संपदा आईडी सेवा रिकॉर्ड, वेतन और अन्य government benefits से सीधे जुड़ी होती है।

12 शिक्षकों को नोटिस, छह ने दिया जवाब

आजमगढ़ में बीएसए राजीव कुमार पाठक ने 12 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।

अब तक छह शिक्षकों ने अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है। हालांकि, छह शिक्षकों की ओर से कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इनमें से चार शिक्षक तो स्कूल से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। विभाग ने उनके घर के पते पर भी नोटिस भेजा है ताकि उनसे संपर्क स्थापित किया जा सके।

ऐसी स्थिति में सवाल उठना स्वाभाविक है—अगर दस्तावेज और रिकॉर्ड सही हैं, तो जवाब देने में देरी क्यों? यही बिंदु जांच का केंद्र बना हुआ है।

Eligibility, Online Process और Important Guidelines क्यों अहम?

मानव संपदा पोर्टल पूरी तरह online process पर आधारित है। इसमें दर्ज जानकारी के आधार पर शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, वेतन भुगतान और अन्य सरकारी लाभ तय होते हैं।

यदि एक ही व्यक्ति के नाम से दो आईडी सक्रिय हैं, तो यह सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा करता है। विभाग की important guidelines के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी की केवल एक वैध आईडी होना अनिवार्य है।

जैसे बैंक खाते में दो अलग-अलग आधार लिंक होने पर परेशानी हो सकती है, वैसे ही शिक्षा विभाग के डिजिटल रिकॉर्ड में दोहरी प्रविष्टि गंभीर मानी जाती है।

जांच जारी, नियम विरुद्ध पाए जाने पर कार्रवाई तय

पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए। यदि कोई कार्मिक संदिग्ध पाया जाता है या नियमों के विरुद्ध स्थिति मिलती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा की शुद्धता बनाए रखना अब प्रशासन की प्राथमिकता है।

निष्कर्ष

यह मामला केवल आईडी की तकनीकी गड़बड़ी भर नहीं है, बल्कि सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। जिन शिक्षकों ने जवाब दिया है, उनके स्पष्टीकरण की जांच की जा रही है, जबकि शेष के खिलाफ आगे की प्रक्रिया तय होगी।

फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। विभाग का रुख साफ है—रिकॉर्ड में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और latest update सामने आने की संभावना 

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