UP School News: नया शैक्षिक कैलेंडर जारी, जानिए छुट्टियों और स्कूल टाइमिंग की पूरी डिटेल

UP School News: नया शैक्षिक कैलेंडर जारी, जानिए छुट्टियों और स्कूल टाइमिंग की पूरी डिटेल

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के लिए 2026-27 सत्र का latest update सामने आ गया है। सरकार की तरफ से official announcement के तहत नया शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। इसमें सिर्फ छुट्टियों की तारीखें ही नहीं, बल्कि पढ़ाई का प्लान, स्कूल टाइमिंग और बच्चों के विकास से जुड़ी कई अहम बातें भी शामिल हैं।

अगर आप अभिभावक हैं या शिक्षक, तो ये जानकारी आपके लिए काफी काम की है।

कब होंगी गर्मी और सर्दी की छुट्टियां?

इस बार छुट्टियों का शेड्यूल पहले से तय कर दिया गया है, ताकि पढ़ाई और आराम दोनों में संतुलन बना रहे।

ग्रीष्मकालीन अवकाश: 20 मई से 15 जून

शीतकालीन अवकाश: 31 दिसंबर से 14 जनवरी

छुट्टियों के अलावा स्कूल का समय भी मौसम के हिसाब से बदला गया है:

1 अप्रैल से 30 सितंबर: सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक

1 अक्टूबर से 31 मार्च: सुबह 9 बजे से 3 बजे तक

यह बदलाव बच्चों की सेहत और मौसम को ध्यान में रखकर किया गया है।

पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस

नई व्यवस्था में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया है।

उच्च प्राथमिक कक्षाओं में काउंसिलिंग सत्र चलाए जाएंगे, जहां बच्चों से परीक्षा का दबाव, आत्मविश्वास और किशोरावस्था से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात होगी।

जो छात्र अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 50% से कम अंक लाते हैं, उनके लिए special classes चलेंगी। इससे कमजोर बच्चों को समय रहते संभाला जा सकेगा।

‘नया सवेरा’ कार्यक्रम क्या है?

इस सत्र से “नया सवेरा” कार्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। इसके तहत:

हफ्ते में दो दिन अधिकारी स्कूलों की प्रार्थना सभा में आएंगे

बच्चों से अनुशासन, जीवन मूल्यों और दिनचर्या पर बातचीत करेंगे

सफल लोगों और पुराने छात्रों को भी बुलाया जाएगा

यह पहल बच्चों को प्रेरित करने और सही दिशा देने के लिए शुरू की गई है।

मोबाइल की लत कम करने की पहल

आजकल बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में reading culture को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रार्थना सभा में रोज अखबार पढ़ा जाएगा

लाइब्रेरी की किताबें बच्चों को दी जाएंगी

मोबाइल और टीवी के ज्यादा इस्तेमाल के नुकसान समझाए जाएंगे

जैसे—आंखों पर असर, पढ़ाई में ध्यान की कमी और गेमिंग की लत। यह कदम बच्चों की आदतों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

75% उपस्थिति जरूरी, सिलेबस भी तय

सरकार ने पढ़ाई को व्यवस्थित करने के लिए important guidelines भी जारी की हैं:

मई तक 20% सिलेबस पूरा करना अनिवार्य

फरवरी 2027 तक पूरा पाठ्यक्रम खत्म करना जरूरी

छात्रों की minimum 75% attendance पर जोर

हर महीने विशेष दिवस और महापुरुषों की जयंती भी मनाई जाएगी, ताकि बच्चों का समग्र विकास हो सके।

हर शनिवार ‘बैगलेस डे’

शनिवार को पढ़ाई थोड़ी अलग अंदाज में होगी:

हर शनिवार bagless day रहेगा

आखिरी शनिवार को बाल मनोविज्ञान से जुड़ी गतिविधियां

बच्चों को अपनी शिकायत लिखने और शिकायत पेटिका में डालने की ट्रेनिंग

इसके लिए शिक्षकों को online process के जरिए ‘मनोदर्पण पोर्टल’ पर सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

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