मोदी कैबिनेट की बैठक में DA का हुआ ऐलान? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी 

मोदी कैबिनेट की बैठक में DA का हुआ ऐलान? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जानना जरूरी 

केंद्रीय कर्मचारियों को जितना इंतजार आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का है, उससे कहीं ज्यादा महंगाई भत्ता यानी डीए के फैसले पर है। आमतौर पर मार्च के महीने में साल की पहली छमाही के भत्ते का ऐलान हो जाता है लेकिन इस बार अब तक ऐसा नहीं हो सका है। अप्रैल महीने का दूसरा सप्ताह खत्म होने की कगार पर है। ऐसे में अब केंद्रीय कर्मचारी मोदी सरकार की हर केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग को उम्मीद की नजर से देख रहे हैं। केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को भी एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए लेकिन क्या केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का भी ऐलान हुआ? आइए विस्तार से जान लेते हैं।

 

केंद्रीय कैबिनेट के अहम फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश में दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए कुल 40,150 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी। इसके तहत, कमला जलविद्युत परियोजना (1,720 मेगावाट) के लिए 26,069.50 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी। यह परियोजना सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचपीसी लिमिटेड और राज्य सरकार के संयुक्त उद्यम के जरिये कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमे जिलों में बनाई जाएगी। इसके निर्माण की अनुमानित अवधि आठ वर्ष है। यह प्लांट सालाना लगभग 687 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेगा, जिससे चरम मांग को प्रबंधित करने, राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने और ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने अंजाव जिले में लोहित नदी पर स्थित कलाई-2 जलविद्युत परियोजना (1,200 मेगावाट) के लिए 14,105.83 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसे टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा बनाया जाएगा। इस परियोजना को 78 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। चालू होने के बाद इससे सालाना लगभग 485 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाओं से संबंधित राज्यों को 12 प्रतिशत बिजली मुफ्त मिलेगी, जबकि एक प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सा स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (एलएडीएफ) के लिए निर्धारित किया गया है।

 

किसानों के लिए भी फैसले

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आगामी खरीफ सत्र के लिए फॉस्फेटिक एवं पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर 41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दे दी जो पिछले साल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। यह उर्वरक सब्सिडी एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 तक की अवधि के लिए लागू रहेगी।

केंद्रीय कैबिनेट की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि खरीफ सत्र 2025 की तुलना में आगामी फसल सत्र के लिए देय सब्सिडी में 4,317 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। खरीफ सत्र वाली फसलों की बुवाई आमतौर पर जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ शुरू होती है। सरकार ने खरीफ सत्र 2026 के लिए पोषक तत्वों पर सब्सिडी दर तय की है। इसके तहत नाइट्रोजन पर 47.32 रुपये प्रति किलोग्राम, फॉस्फेट पर 52.76 रुपये प्रति किलोग्राम, पोटाश पर 2.38 रुपये प्रति किलोग्राम और सल्फर पर 3.16 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी दी जाएगी। पिछले रबी सत्र की तुलना में नाइट्रोजन, फॉस्फेट और सल्फर पर सब्सिडी दर बढ़ाई गई है, जबकि पोटाश के लिए निर्धारित दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली जयपुर मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी।

 

महंगाई भत्ते पर क्या हुआ फैसला?

केंद्रीय कैबिनेट ने एक बार फिर से महंगाई भत्ते पर कोई फैसला नहीं लिया है। बता दें कि वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 58 फीसदी मिल रहा है। वहीं, जनवरी से जून छमाही के लिए भत्ते में 2 से 3 पर्सेंट बढ़ोतरी का अनुमान है। अगर 2 या 3 पर्सेंट भत्ता बढ़ता है तो यह 60 या 61 पर्सेंट हो जाएगा। बहरहाल, केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ोतरी का इंतजार है।

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