इनकम टैक्स का गणित! फॉर्म-16 खत्म, HRA, ITR में बड़े बदलाव, बिना सैलरी बढ़े मिलेगा ज्यादा पैसा 

इनकम टैक्स का गणित! फॉर्म-16 खत्म, HRA, ITR में बड़े बदलाव, बिना सैलरी बढ़े मिलेगा ज्यादा पैसा 

केंद्र सरकार ने आयकर नियमों को बेहतर और आम लोगों के लिए आसान बनाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़े बदलाव कर दिए हैं. 1 तारीख से इनकम टैक्स के नए नियम लागू हो गए हैं।

इसके साथ ही 65 साल पुराने आयकर नियमों को खत्म कर दिया गया है. नए टैक्स नियम बदलने के पैसों से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे. इनकम टैक्स और रिटर्न से जुड़े बदलाव हो गए हैं. आज से फाइनेंशियल ईयर या असेसमेंट ईयर का झंझट खत्म हो गया. आसान भाषा में समझे तो 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स, टेक होम सैलरी में बड़े बदलाव हो गए हैं.

 

फाइनेंशियल ईयर की जगह TAX YEAR

 

1 तारीख से फाइनेंशियल ईयर (FY) और असेसमेंट ईयर (AY) की जगह ‘TAX YEAR’ ने लिया है. 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 को अब टैक्स ईयर 2026-27 कहा जाएगा. आयकर नियमों को आसान बनाने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है.लोगों को ‘फाइनेंशियल ईयार’ (आय कमाने का वर्ष) और ‘असेसमेंट ईयर’ (रिटर्न दाखिल करने का वर्ष) के बीच टैक्सपेयर्स को काफी उलझन होती थी, जिसे दूर करने के लिए आज से दोनों को मिलाकर टैक्स ईयर कर दिया गया है.

 

फार्म 16 की जगह फार्म 130

 

1 अप्रैल से फॉर्म 16 खत्म हो गया है. उसकी जगह Form-130 आ गया है. टैक्स सिस्टम को सरल, डिजिटल और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने Form 16 को बदलकर उसे आसान बनाते हुए Form 130 लागू किया गया है. नए बदलाव के बाद ITR भरना आसान हो जाएगा. टैक्स कालकुलेशन ज्यादा सटीक होगा.

 

फॉर्म 130 में क्या खास ?

 

– नए फार्म 130 में सैलरी, TDS, टैक्स कैलकुलेशन और डिडक्शन की पूरी डिटेल एक ही जगह मिलेगी. आपके लिए ITR भरना आसान होगा .

– इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है, जिसके Part A में कंपनी और कर्मचारी की बेसिक जानकारी होगी. Part B में सैलरी ब्रेकअप, TDS की जानकारी होगी.

– Part C में टैक्सेबल इनकम,पेंशन, कटे हुए और जमा टैक्स, डिडक्शन आदि की पूरी डिटेल होगी.

 

टैक्स की तारीखों में बदलाव

 

नए नियम में ITR 3 और ITR 4 भरने की तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है. पेनेल्टी के साथ रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख 31 मार्च कर दिया गया है.

 

TCS और टैक्स छूट में बदलाव

 

नए आयकर नियम में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए भेजे गए पैसों पर TCS दर घटाने का ऐलान किया है, जो पहले 5 फीसदी था, उसे घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है.वहीं विदेशी घूमने पर लगने वाला TCS भी 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है.

 

HRA में बड़ा बदलाव

 

नए इनकम टैक्स अधिनियम के तहत House Rent Allowance में भी बड़ा बदलाव किया गया है. 1 अप्रैल से सिर्फ किराया और रसीदें देने के काम नहीं होगा, बल्कि नए फॉर्म 124 में मकान मालिक का नाम, पता और PAN कार्ड देना अनिवार्य होगा.

 

HRA में इन शहरों को फायदा

 

HRA में 50 फीसदी छूट वाले शहरों में आज से बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी जोड़ा गया है.इन शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को अब पहले से ज्यादा HRA छूट मिलेगी, यानी आपकी जेब में ज्यादा पैसा बचेगा. इसके अलावा इलाज के लिए कंपनी से मिलने वाले पर छूट की सीमा को 20 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है. ऑफिस में मिलने वाले मील वाउचर पर मिलने वाली टैक्स छूट को 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है.

 

एक्सीडेंट क्लेम टैक्स फ्री: नए नियम के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाली रकम पर को टैक्स फ्री कर दिया गया है. इस पर टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा.

 

कोऑपरेटिव संस्थाओं को राहत दी गई है: सरकार ने कोऑपरेटिव संस्थाओं के निवेश से मिलने वाले डिविडेंड पर तीन साल तक टैक्स छूट दी है.

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