Gold Silver Price:- सोना ₹1,75,000 और चांदी ₹3,30,000 तक? नई तेजी ने फिर बदला बाजार का मिज़ाज

Gold Silver Price:- सोना ₹1,75,000 और चांदी ₹3,30,000 तक? नई तेजी ने फिर बदला बाजार का मिज़ाज

शुक्रवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी ने एक बार फिर मजबूती दिखाई। सप्ताह के आख़िरी कारोबारी दिन शाम तक सोना करीब ₹1,50,882 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी का भाव बढ़कर ₹2,44,929 प्रति किलो तक पहुंच गया। हालिया उछाल के बाद निवेशकों और आम खरीदारों के मन में यही सवाल है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या यहां से रुकावट आ सकती है।

बाजार की मौजूदा चाल देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि कीमती धातुओं को लेकर माहौल फिर से सकारात्मक हो गया है। शादी-विवाह के सीजन और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने इस तेजी को और मजबूती दी है।

सोने का भाव कहां तक जा सकता है?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोना फिलहाल बुलिश ट्रेंड में बना हुआ है। अगर आने वाले सत्रों में सोना ₹1,47,000 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है, तो इसमें आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो सोना धीरे-धीरे ₹1,75,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर की ओर बढ़ सकता है। यह अनुमान अंतरराष्ट्रीय संकेतों, घरेलू मांग और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की तलाश पर आधारित है।

सोने का संभावित टारगेट प्राइस: ₹1,75,000

महत्वपूर्ण स्टॉप लॉस: ₹1,47,000

चांदी की मौजूदा स्थिति क्या कहती है?

चांदी ने हाल ही में ₹4,20,048 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई छूने के बाद तेज गिरावट दर्ज की थी। हालांकि, यही गिरावट अब निवेशकों के लिए एक नया मौका बनकर सामने आई है। बाजार जानकारों के मुताबिक, चांदी में जब-जब गिरावट आती है, तब-तब लंबी अवधि के निवेशकों की रुचि बढ़ जाती है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा स्तरों से चांदी में धीरे-धीरे रिकवरी देखने को मिल सकती है और आने वाले समय में इसके दाम ₹3,30,000 प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं।

चांदी का संभावित टारगेट प्राइस: ₹3,30,000

महत्वपूर्ण स्टॉप लॉस: ₹2,45,000

कीमतों में पहले गिरावट क्यों आई थी?

बीते दिनों सोने और चांदी की कीमतों में जो नरमी देखने को मिली थी, उसके पीछे कई अहम कारण रहे।

ईरान और अमेरिका के बीच सकारात्मक बातचीत की खबरों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग थोड़ी कम हुई। इसके साथ ही डॉलर के मजबूत होने से भी कीमती धातुओं पर दबाव बना।

हालांकि घरेलू बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। शादी-विवाह के सीजन की वजह से सोने और चांदी की मांग में बढ़ोतरी हुई, जिसने गिरावट को ज्यादा गहराने नहीं दिया।

आम आदमी की पहुंच से बाहर तो नहीं?

जब सोना और चांदी अपने ऑल टाइम हाई के करीब पहुंचे थे, तब यह चर्चा तेज हो गई थी कि कहीं ये धातुएं आम आदमी की पहुंच से बाहर न हो जाएं। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन मांग और सप्लाई का संतुलन कीमतों को सहारा दे रहा है।

निष्कर्ष

सोने और चांदी में मौजूदा तेजी ने बाजार में फिर से उत्साह पैदा कर दिया है। जहां सोना सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूती दिखा रहा है, वहीं चांदी में गिरावट के बाद रिकवरी की उम्मीद बनी हुई है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और घरेलू मांग इनकी कीमतों की दिशा तय करेंगे।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। यहां बताए गए अनुमान और विचार एक्सपर्ट्स के निजी हैं। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले आधिकारिक जानकारी और अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें

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