सोना की कीमतों 33178 रुपये की बड़ी गिरावट, चांदी 62035 रुपये, क्या यह खरीद का सही समय है?

सोना की कीमतों 33178 रुपये की बड़ी गिरावट, चांदी 62035 रुपये, क्या यह खरीद का सही समय है?

पिछले कुछ दिनों से सर्राफा बाजार में हलचल बनी हुई है। आज फिर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अगर आप निवेश या खरीदारी की सोच रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए काम का हो सकता है।

Latest update यही है कि बीते एक महीने में सोना करीब 33,178 रुपये तक फिसल चुका है। वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही, इसमें भी करीब 62,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या चल रहा है?

सोमवार को ग्लोबल मार्केट में हल्की कमजोरी दिखी। COMEX पर गोल्ड करीब 0.30% गिरकर 4665.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह Silver भी 0.53% टूटकर 72.535 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

सीधी भाषा में समझें तो दुनिया भर में निवेशकों का रुख थोड़ा बदल रहा है। जब इंटरनेशनल मार्केट दबाव में होता है, तो उसका असर भारत के बाजार पर भी साफ दिखता है।

भारत में सोने का ताजा हाल

इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक 2 मार्च 2026 को 24 कैरेट सोना 1,67,471 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।

लेकिन 2 अप्रैल तक आते-आते इसमें भारी गिरावट आ गई और कीमत घटकर 1,34,293 रुपये रह गई। यानी सीधे शब्दों में कहें तो एक महीने में कीमतों में तेज फिसलन आई है।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि शुक्रवार से रविवार तक छुट्टी के कारण नए रेट जारी नहीं हुए थे, इसलिए सोमवार का अपडेट और भी अहम माना जा रहा है।

चांदी की कीमतों ने भी दिया झटका

अगर आप चांदी में निवेश करते हैं तो यहां भी कहानी कुछ अलग नहीं है।

2 मार्च 2026 को चांदी 2,89,848 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब यह गिरकर 2,27,813 रुपये पर आ गई है।

यानी करीब 62,035 रुपये की गिरावट। इतनी बड़ी गिरावट आमतौर पर बाजार में बड़े बदलाव का संकेत मानी जाती है।

आखिर क्यों गिर रहा है सोना?

इस सवाल का जवाब थोड़ा दिलचस्प है।

सबसे बड़ी वजह है डॉलर का मजबूत होना। जब डॉलर मजबूत होता है, तो निवेशक गोल्ड की बजाय उसमें पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं।

दूसरी वजह वैश्विक तनाव है। दुनिया में चल रही अनिश्चितता और युद्ध जैसे हालात निवेशकों को सतर्क बना रहे हैं।

तीसरी बात, कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ती है। ऐसे माहौल में लोग अक्सर अपनी पोजीशन बदलते हैं।

इसके अलावा, कई निवेशकों ने हाल के ऊंचे स्तर पर profit booking भी की है, जिससे कीमतों पर दबाव आया है।

आगे क्या हो सकता है?

अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं, तो दुनिया के बड़े सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इसका सीधा असर गोल्ड पर पड़ेगा।

ऐसे समय में बाजार थोड़ा अनिश्चित रहता है। कभी तेजी, तो कभी गिरावट—दोनों ही देखने को मिलती हैं।

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