Electric Vehicle:- ईवी मालिकों के लिए बड़ी राहत, 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी जल्द होगी जारी
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों के लिए लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अच्छी खबर सामने आई है। सरकार अब उन हजारों ईवी मालिकों को राहत देने की तैयारी में है, जिनकी सब्सिडी पिछले कई महीनों से अटकी हुई थी। ताजा official announcement के मुताबिक, दिसंबर से चरणबद्ध तरीके से भुगतान शुरू किया जा सकता है।
करीब 26,800 ईवी मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
परिवहन विभाग से जुड़ी latest update के अनुसार, राजधानी में लगभग 26,800 इलेक्ट्रिक वाहन मालिक ऐसे हैं, जिन्हें अब तक उनकी बकाया सब्सिडी नहीं मिली थी। कुल मिलाकर करीब 42 से 42.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की जानी है।
यह वही सब्सिडी है, जिसका वादा ईवी पॉलिसी के तहत किया गया था, लेकिन पॉलिसी में बदलाव और प्रक्रिया की देरी के कारण भुगतान रुका रहा।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी जरूरी official details और कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। फाइल अंतिम मंजूरी के लिए भेजी जा रही है और हरी झंडी मिलते ही किस्तों में भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
अब पूरी तरह डिजिटल होगी सब्सिडी प्रक्रिया
सरकार इस बार केवल भुगतान ही नहीं, बल्कि पूरी online process को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। सब्सिडी सिस्टम को राष्ट्रीय वाहन पोर्टल (Vahan Portal) से जोड़ा जाएगा, ताकि आगे चलकर मैन्युअल एंट्री, देरी और तकनीकी गलतियों से बचा जा सके।
यानी जिस तरह बैंकिंग में डिजिटल सिस्टम ने पारदर्शिता बढ़ाई है, उसी तरह ईवी सब्सिडी में भी ऑटोमैटिक और ट्रैक करने योग्य प्रक्रिया लागू होगी।
Eligibility तय करेगी तकनीकी समिति
नई ईवी पॉलिसी के तहत किन वाहनों को सब्सिडी मिलेगी, इसके लिए एक विशेष तकनीकी समिति बनाई गई है। यह समिति सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि व्यावहारिक मानकों पर जांच करेगी।
जैसे—
वाहन की बिल्ड क्वालिटी
बैटरी क्षमता और रेंज
परफॉर्मेंस और ऊर्जा दक्षता
इससे यह सुनिश्चित होगा कि government benefits सही और योग्य लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
दोपहिया से चार-पहिया तक कितनी मिलेगी सब्सिडी
दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 को देश की सबसे प्रभावी ईवी योजनाओं में गिना जाता है। इसके तहत अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों को सीधा फायदा मिलता है—
दोपहिया ईवी: ₹30,000 तक की सब्सिडी
चार-पहिया ईवी: ₹1.5 लाख तक की सब्सिडी
रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में छूट
इन प्रावधानों का मकसद साफ है—ईवी को आम लोगों के लिए सस्ता बनाना और शहर के प्रदूषण पर लगाम लगाना।
नीति में देरी बनी अड़चन
असल समस्या तब शुरू हुई, जब 2020 में लागू हुई ईवी पॉलिसी अगस्त 2023 में खत्म हो गई। नई पॉलिसी पर काम चलता रहा, लेकिन समय पर लागू न होने के कारण सब्सिडी भुगतान रोकना पड़ा।
इस बीच करीब 26,862 नए आवेदन भी आ गए। अब डुप्लिकेट एंट्री हटाकर फाइनल लिस्ट तैयार कर ली गई है, ताकि किसी को भी गलत तरीके से बाहर न किया जाए।
कैबिनेट मंजूरी के बाद शुरू होगा भुगतान
अब फाइल को परिवहन मंत्री पंकज सिंह के जरिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही बकाया राशि step-by-step ईवी मालिकों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार का यह कदम उन लोगों के लिए भरोसे की वापसी जैसा है, जिन्होंने पर्यावरण के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चुना। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता है, तो यह पहल न सिर्फ पुराने लंबित मामलों को सुलझाएगी, बल्कि भविष्य में ईवी अपनाने वालों के लिए प्रक्रिया को और आसान बनाएगी।
कुल मिलाकर, यह अपडेट दिल्ली के ईवी इकोसिस्टम को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।