Digital Census 2027: भारत में पहली बार शुरू हुई पूरी तरह ऑनलाइन जनगणना, बड़े नेताओं ने खुद भरा डेटा
भारत में जनगणना की प्रक्रिया अब एक नए दौर में पहुंच गई है। इस बार सब कुछ पहले जैसा नहीं है। डिजिटल तरीके से होने वाली पहली जनगणना की शुरुआत हो चुकी है, और इसकी शुरुआत भी खास अंदाज़ में हुई।
बुधवार को द्रौपदी मुर्मु, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने खुद अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी की। इसके साथ ही Census 2027 का पहला चरण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया।
🏠 क्या है पहला चरण? (Housing Census Explained)
इस बार जनगणना की शुरुआत आवास गणना (Housing Census) से की गई है। यानी सबसे पहले घरों और रहने की स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
खास बात यह है कि अब आम नागरिक भी चाहें तो वेब पोर्टल के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले पूरी प्रक्रिया सरकारी कर्मचारियों पर निर्भर रहती थी।
💻 पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया, 14 भाषाओं में सुविधा
सरकार ने इस बार एक खास डिजिटल पोर्टल तैयार किया है, जो:
हिंदी और अंग्रेजी समेत 14 क्षेत्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है
यूजर्स को आसान online process के जरिए डेटा भरने की सुविधा देता है
प्रधानमंत्री ने भी अपनी जानकारी दर्ज करने के बाद बताया कि यह पहल देश को डिजिटल दिशा में आगे ले जाने वाली है। अब हर नागरिक को अपने परिवार का डेटा खुद दर्ज करने का अधिकार मिला है।
📅 15 दिन का मौका, खुद भरें अपनी जानकारी
सरकार की ओर से 15 दिनों की self-enumeration window दी गई है। इस दौरान आप:
अपने घर और परिवार की जानकारी खुद भर सकते हैं
डेटा की सटीकता सुनिश्चित कर सकते हैं
यह कदम transparency बढ़ाने के साथ-साथ प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
📊 क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, यह जनगणना सिर्फ आंकड़ों का काम नहीं है।
बल्कि यह:
सरकारी योजनाओं (government benefits) को सही लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी
देश की विकास योजनाओं को बेहतर बनाने का आधार बनेगी
सीधे शब्दों में कहें तो, आप जो जानकारी देंगे, उसी के आधार पर भविष्य की नीतियां तय होंगी।