शिक्षिकाओं की ऑनलाइन अटेंडेंस की फोटो पर टिप्पणी,शिक्षक संघ ने महिला आयोग से की कार्रवाई की मांग

शिक्षिकाओं की ऑनलाइन अटेंडेंस की फोटो पर टिप्पणी,शिक्षक संघ ने महिला आयोग से की कार्रवाई की मांग

14 मार्च 2026 मुंगेर जिले में एक महिला शिक्षिका की ऑनलाइन उपस्थिति के दौरान अपलोड की गई फोटो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर प्रारंभिकविद्यालय शिक्षक संघ ने बिहार राज्य महिला आयोग को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षक संघ के अनुसार, जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका ने 9 और 10 फरवरी 2026 को ऑनलाइन सेल्फी अटेंडेंस के लिए अपनी फोटो अपलोड की थी। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय की ओर से यह कहते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया कि फोटो में शिक्षिका ने दुपट्टा नहीं पहना है।

हालांकि, शिक्षिका ने अपने जवाब में बताया कि फोटो लेते समय दुपट्टा सामने की बजाय साइड में था, इसलिए तस्वीर में स्पष्ट नहीं दिख रहा था। उनका कहना है कि इस आधार पर लगाया गया आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

इस पूरे मामले को लेकर शिक्षक संघ ने गंभीर आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि किसी महिला कर्मचारी के पहनावे पर इस तरह टिप्पणी करना कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी अधिकारी को शिक्षिकाओं की फोटो देखकर उनके पहनावे की जांच करने का अधिकार है।

शिक्षक संघ ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ इस तरह की टिप्पणी की जाती है तो यह कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित कानून के तहत मामला बन सकता है।

संघ ने बिहार राज्य महिला आयोग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

शिक्षक संघ ने यह भी सुझाव दिया है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को पद से हटाया या निलंबित किया जाना चाहिए।

इस घटना के बाद जिले के शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना है, न कि महिला कर्मचारियों के पहनावे पर टिप्पणी करना।

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