ठंड का कहर: मेरठ में शिमला-मसूरी जैसी सर्द रात, 15 साल का रिकॉर्ड टूटा
मेरठ में इस बार ठंड ने लोगों को चौंका दिया है। रात का मौसम बिल्कुल पहाड़ों जैसा हो गया है। शिमला और मसूरी की याद दिलाने वाली ठंड ने 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
Latest weather update के मुताबिक, 13 जनवरी को रात का न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है।
🌡️ तापमान में बड़ी गिरावट, राहत के आसार कम
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार, 18 जनवरी तक ठंड से राहत की संभावना नहीं है।
हालांकि इसके बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
आमतौर पर इस समय न्यूनतम तापमान 8–10 डिग्री और अधिकतम 18–20 डिग्री होना चाहिए, लेकिन इस बार पारा लगातार नीचे बना हुआ है। यही वजह है कि सुबह और रात की ठंड ज्यादा चुभ रही है।
🌫️ कोहरा और शीत लहर से बढ़ी परेशानी
मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीत लहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
सुबह और रात के समय दृश्यता कम हो रही है, जिससे वाहन चालकों को खास दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे पर रफ्तार थमी हुई नजर आती है।
🔥 अलाव का सहारा, सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्ग पर
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही बताते हैं कि जनवरी में लंबे समय बाद इतनी तेज ठंड महसूस की जा रही है।
बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक जगहों पर लोग अलाव तापते दिख रहे हैं।
ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और गरीब तबके पर पड़ रहा है। रैनबसेरों में भीड़ बढ़ गई है, लेकिन कई लोग अब भी खुले में ठंड झेलने को मजबूर हैं।
🌬️ प्रदूषण भी बना चिंता की वजह
ठंड के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब बनी हुई है।
Official air quality data के अनुसार, बुधवार को मेरठ का AQI 275 दर्ज किया गया, जो लाल श्रेणी में आता है।
प्रमुख इलाकों का AQI स्तर:
गंगानगर – 189
जयभीमनगर – 328
पल्लवपुरम – 309
बेगमपुल – 332
दिल्ली रोड – 322
सबसे ज्यादा प्रदूषण बेगमपुल क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहां हवा सबसे खराब रही।
📊 पिछले 15 सालों में 13 जनवरी की रात का न्यूनतम तापमान
2026: 3.1°C
2025: 7.5°C
2024: 3.6°C
2023: 5.3°C
2022: 5.4°C
2021: 6.6°C
2020: 11.4°C
2019: 9.6°C
2018: 7.6°C
2017: 6.9°C
2016: 5.9°C
2015: 6.1°C
2014: 7.6°C
2013: 4.6°C
2012: 5.9°C
🔍 निष्कर्ष
इस बार की ठंड सामान्य नहीं है। रिकॉर्ड टूटना साफ संकेत है कि मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
जब तक तापमान में स्थिर बढ़ोतरी नहीं होती, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। गर्म कपड़े पहनें, बुजुर्गों और बच्चों का खास ध्यान रखें और कोहरे में वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
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