सत्र परीक्षा द्वितीय: कक्षा-वार अंक विभाजन
बेसिक शिक्षा विभाग की सत्र परीक्षा द्वितीय को लेकर कक्षा-वार अंक विभाजन का आधिकारिक विवरण सामने आ चुका है। यह व्यवस्था छात्रों की उम्र, समझ और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर तय की गई है, ताकि मूल्यांकन अधिक व्यावहारिक और संतुलित हो सके।
✍️ कक्षा अनुसार परीक्षा पैटर्न (Official Details)
कक्षा 1
🔹 मौखिक परीक्षा: 10 अंक
(छोटे बच्चों के लिए बोलकर समझने और व्यक्त करने की क्षमता पर फोकस)
कक्षा 2
🔹 लिखित: 5 अंक
🔹 मौखिक: 5 अंक
(लिखने की शुरुआत के साथ मौखिक समझ का संतुलन)
कक्षा 3
🔹 लिखित: 5 अंक
🔹 मौखिक: 5 अंक
(पढ़ने-लिखने और बोलने, दोनों का समान मूल्यांकन)
कक्षा 4
🔹 लिखित: 7 अंक
🔹 मौखिक: 3 अंक
कक्षा 5
🔹 लिखित: 7 अंक
🔹 मौखिक: 3 अंक
(ऊपरी प्राथमिक की ओर बढ़ते छात्रों के लिए लिखित अभ्यास पर अधिक ज़ोर)
कक्षा 6, 7 एवं 8
🔹 लिखित परीक्षा: 10 अंक
(पूर्णतः लिखित मूल्यांकन, बोर्ड पैटर्न की तैयारी के अनुरूप)
🎯 क्यों जरूरी है यह नया पैटर्न?
✔️ छोटे बच्चों पर लिखित दबाव कम
✔️ समझ और अभिव्यक्ति दोनों का सही आकलन
✔️ उच्च कक्षाओं के लिए अकादमिक तैयारी मजबूत
✔️ सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप मूल्यांकन प्रणाली
यह अंक विभाजन न केवल छात्रों के सीखने के स्तर को बेहतर तरीके से परखता है, बल्कि शिक्षकों के लिए भी मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाता है।
🔔 निष्कर्ष
सत्र परीक्षा द्वितीय का यह कक्षा-वार अंक वितरण छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी सभी के लिए यह जानकारी उपयोगी है, ताकि परीक्षा की तैयारी सही दिशा में की जा सके।