22 मई से शुरू होगी जनगणना प्रक्रिया, 7 से 21 मई तक खुला रहेगा स्वगणना पोर्टल

22 मई से शुरू होगी जनगणना प्रक्रिया, 7 से 21 मई तक खुला रहेगा स्वगणना पोर्टल

लखनऊ से एक अहम अपडेट सामने आया है। जनगणना 2027 की तैयारियां अब तेज हो चुकी हैं। इस बार पूरी प्रक्रिया पहले से अलग और ज्यादा आधुनिक होने वाली है। सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है, जिससे काम तेज भी होगा और डेटा ज्यादा सटीक भी रहेगा।

हाल ही में जनगणना कार्य निदेशालय में एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया, नई तकनीक और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया कि इस बार जनगणना को एक बड़े जन अभियान के रूप में चलाया जाएगा।

22 मई से शुरू होगी जनगणना प्रक्रिया

Official announcement के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में जनगणना की शुरुआत 22 मई से होगी और यह 20 जून तक चलेगी। इस दौरान मकानों की गिनती और परिवारों का पूरा डेटा इकट्ठा किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि जनगणना के आंकड़े ही आगे की योजनाओं की नींव रखते हैं। जैसे—किस इलाके में सड़क, स्कूल या अस्पताल की जरूरत है, यह सब इन्हीं आंकड़ों से तय होता है। इसलिए हर व्यक्ति की भागीदारी बहुत जरूरी मानी जा रही है।

7 से 21 मई तक खुलेगा स्वगणना पोर्टल

इस बार एक बड़ा बदलाव किया गया है। आम लोगों को भी खुद अपनी जानकारी भरने का मौका दिया जाएगा।

Jangdna

Online process के तहत स्वगणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक खुला रहेगा। इस दौरान आप घर बैठे अपने परिवार की पूरी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो समय की कमी या अन्य कारणों से सर्वे टीम से सीधे संपर्क नहीं कर पाते।

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

सरकार ने इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है। यानी—

डेटा कलेक्शन मोबाइल/टैब के जरिए होगा

एंट्री और वेरिफिकेशन ऑनलाइन होगा

निगरानी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से की जाएगी

इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलती की संभावना काफी कम हो जाएगी। यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देता है।

5.5 लाख कर्मचारी करेंगे काम

इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए करीब 5.5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। ये सभी लोग प्रशासन की निगरानी में काम करेंगे।

यह एक संयुक्त प्रयास होगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी।

नियमों का पालन जरूरी, वरना हो सकती है कार्रवाई

सरकार ने साफ किया है कि जनगणना के दौरान गलत जानकारी देना या प्रक्रिया में बाधा डालना ठीक नहीं है। ऐसा करने पर important guidelines के तहत कार्रवाई हो सकती है।

इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि सही और पूरी जानकारी ही दें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।

क्यों जरूरी है जनगणना?

अगर आसान भाषा में समझें तो जनगणना देश की “रियल तस्वीर” दिखाती है।

कितनी आबादी है

किस इलाके में क्या जरूरत है

किस वर्ग को ज्यादा government benefits चाहिए

ये सारी बातें इसी से तय होती हैं। इसलिए इसे सिर्फ सरकारी काम नहीं, बल्कि आम लोगों की जिम्मेदारी भी माना जाता है।

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