जनगणना 2027: ट्रांसजेंडर मुखिया वाले परिवारों का भी होगा अलग रिकॉर्ड, सरकार ने बताए आधिकारिक विवरण
भारत में होने वाली अगली जनगणना 2027 कई मायनों में अलग और ज्यादा समावेशी होने जा रही है। इस बार सरकार ने परिवार के मुखिया की पहचान से जुड़ी जानकारी में एक बड़ा बदलाव किया है। अब तक जहां केवल पुरुष और महिला श्रेणी दर्ज की जाती थी, वहीं पहली बार ट्रांसजेंडर मुखिया वाले परिवारों का डेटा भी अलग से दर्ज किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे देश की सामाजिक संरचना का अधिक सटीक और वास्तविक चित्र सामने आएगा।
दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना
सरकार के latest update के अनुसार, आने वाली जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के साथ दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
Nityanand Rai ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इस बार पारंपरिक और डिजिटल दोनों तरीकों का इस्तेमाल होगा।
प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे
साथ ही लोगों को Self Enumeration यानी खुद ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा
यह online process उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी होगा जो डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी देना चाहते हैं। इससे समय की बचत भी होगी और डेटा अधिक व्यवस्थित तरीके से एकत्र किया जा सकेगा।
ट्रांसजेंडर मुखिया को मिलेगा अलग पहचान
इस बार परिवार के मुखिया की श्रेणी में पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर तीनों विकल्प शामिल किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि यह कदम सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण है। अक्सर सरकारी योजनाओं और सामाजिक अध्ययन में ट्रांसजेंडर समुदाय का सटीक डेटा उपलब्ध नहीं होता था। अब यह जानकारी उपलब्ध होने से भविष्य की नीतियों और योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
जनगणना पर सरकार का बड़ा बजट
केंद्र सरकार ने इस पूरे अभियान के लिए लगभग 11,718 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
Official details के अनुसार इस बार की जनगणना में कई महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति
शिक्षा और रोजगार से जुड़ी जानकारी
आवास और सुविधाओं का विवरण
और जाति आधारित गणना (Caste-based data)
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर डेटा संग्रह से देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में 31 लाख से ज्यादा परिवार लाभान्वित

Shripad Yesso Naik ने लोकसभा में बताया कि Pradhan Mantri Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत अब तक 31.12 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिल चुका है।
इस योजना का उद्देश्य आम घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली की लागत कम करना है।
2027 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर का लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है।
मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य
अब तक 63 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं
यह पूरी तरह demand based scheme है
अगर यह लक्ष्य पूरा होता है, तो इससे न सिर्फ बिजली बिल कम होगा बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर जनगणना 2027 कई नए बदलावों के साथ होने जा रही है। ट्रांसजेंडर मुखिया वाले परिवारों का अलग डेटा शामिल करना, डिजिटल online process और बड़े बजट के साथ यह जनगणना पहले से कहीं अधिक आधुनिक और समावेशी बनने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने की कोशिश भी तेज हो रही है, जिससे आने वाले वर्षों में लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिल सकता है।