Budget 2026: इनकम टैक्स में 10 बड़े बदलाव, नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को सीधी राहत
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने इनकम टैक्स से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं, जिनका असर देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों और मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ने वाला है। टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और ईमानदार करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने कई नियमों में बदलाव किया है। इन बदलावों से न सिर्फ टैक्स बचत बढ़ेगी, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग भी पहले से आसान होगी।
नई टैक्स व्यवस्था को और आकर्षक बनाया गया
सरकार ने New Tax Regime को प्राथमिकता देते हुए इसमें अतिरिक्त राहत दी है। अब कम टैक्स स्लैब और आसान गणना के चलते अधिकतर वेतनभोगी इस विकल्प की ओर रुख कर सकते हैं।
2. स्टैंडर्ड डिडक्शन में राहत
वेतनभोगी करदाताओं के लिए Standard Deduction में बढ़ोतरी की गई है। इससे सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की टैक्सेबल इनकम घटेगी और हाथ में बचत बढ़ेगी।
3. टैक्स स्लैब में बदलाव से मिडिल क्लास को फायदा
मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब को इस तरह संतुलित किया गया है कि कम आय पर टैक्स का बोझ कम पड़े और ज्यादा आय वालों से अपेक्षाकृत ज्यादा योगदान लिया जाए।
4. रीबेट सीमा में बढ़ोतरी
अब एक निश्चित आय सीमा तक कमाने वालों को Income Tax Rebate का फायदा मिलेगा, जिससे बड़ी संख्या में करदाता टैक्स के दायरे से बाहर रहेंगे। यह फैसला खास तौर पर लोअर और मिडिल इनकम ग्रुप के लिए राहत भरा है।
5. टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया होगी आसान
सरकार ने online process को और सरल बनाने का ऐलान किया है। अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना पहले से ज्यादा तेज और कम जटिल होगा, जिससे आम करदाताओं को राहत मिलेगी।
6. सीनियर सिटीजन्स को अतिरिक्त छूट
बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स नियमों को और अनुकूल बनाया गया है। पेंशन और ब्याज आय पर टैक्स से जुड़ी शर्तों में ढील दी गई है, जिससे बुजुर्गों की वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी।
7. टैक्स कंप्लायंस पर सरकार का फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईमानदारी से टैक्स भरने वालों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। वहीं टैक्स चोरी पर सख्ती और important guidelines को और कड़ा किया गया है।
8. सैलरी स्ट्रक्चर की प्लानिंग होगी जरूरी
इन बदलावों के बाद वेतनभोगियों को अपने सैलरी स्ट्रक्चर और टैक्स प्लानिंग पर दोबारा ध्यान देना होगा, ताकि वे नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठा सकें।
9. मिडिल क्लास की बचत पर असर
कम टैक्स दरों और छूट के चलते मिडिल क्लास के हाथ में अतिरिक्त पैसा बचेगा, जिसे लोग निवेश, बीमा या घरेलू जरूरतों में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सरकार के government benefits वाले लक्ष्य को भी मजबूत करता है।
10. टैक्स सिस्टम को बनाया गया भविष्य के लिए तैयार
सरकार का कहना है कि ये बदलाव लंबे समय तक लागू रहने वाले हैं। Official announcement के मुताबिक, टैक्स सिस्टम को पारदर्शी, स्थिर और भरोसेमंद बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है।
निष्कर्ष
बजट में इनकम टैक्स से जुड़े ये 10 बदलाव साफ संकेत देते हैं कि सरकार मध्यम वर्ग और वेतनभोगियों को राहत देने के साथ-साथ टैक्स सिस्टम को आसान और आधुनिक बनाना चाहती है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर लोगों की बचत, खर्च और निवेश की आदतों पर साफ दिखाई देगा।