बैंक पेनल्टी से मुनाफा कमा रहे हैं? कहा- मिनिमम बैलेंस पेनल्टी खत्म हो, संसद में उठा बड़ा मुद्दा
Raghav Chadha ने संसद में बैंकिंग सिस्टम को लेकर एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले मिनिमम बैलेंस पेनल्टी का सबसे ज्यादा असर गरीब, ग्रामीण और छोटे खाताधारकों पर पड़ रहा है।
📌 क्या है पूरा मामला?
राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने बताया कि:
शहरों में 5,000 से 10,000 रुपये तक मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी होता है
अर्धशहरी इलाकों में 3,000–4,000 रुपये
ग्रामीण क्षेत्रों में 1,000–3,000 रुपये
अगर यह बैलेंस नहीं रखा जाता, तो हर महीने 50 से 600 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है — और उस पर 18% GST अलग से वसूला जाता है।
💬 “गरीबों को ही मिल रही सजा”
Raghav Chadha का कहना है कि बैंक खाते लोगों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने के लिए होते हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में गरीबों पर ही बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बेसिक सेविंग अकाउंट (Basic Savings Account) पर मिनिमम बैलेंस पेनल्टी पूरी तरह खत्म की जाए।
📊 कितना पैसा वसूला गया?
सांसद के मुताबिक:
2022 से 2025 के बीच बैंकों ने लगभग 19,000 करोड़ रुपये वसूले
पब्लिक सेक्टर बैंकों ने करीब 8,000 करोड़ रुपये
प्राइवेट बैंकों ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये
👷 मजदूर का उदाहरण
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया:
एक मजदूर 500 रुपये रोज कमाकर 6,000 रुपये जमा करता है
जरूरत पड़ने पर 2,000 रुपये निकाल लेता है
बैलेंस 4,000 रुपये रह जाता है
अब बैंक के नियम के मुताबिक अगर 5,000 रुपये जरूरी हैं, तो हर महीने पेनल्टी कटती रहेगी।
6 महीने बाद वही मजदूर जब पैसे निकालने जाता है, तो उसे पता चलता है कि 600 रुपये तक कट चुके हैं।
⚠️ अकाउंट हो जाता है निगेटिव
Raghav Chadha ने यह भी कहा कि कई मामलों में पेनल्टी इतनी ज्यादा लग जाती है कि अकाउंट बैलेंस निगेटिव में पहुंच जाता है — यानी ग्राहक से ज्यादा पैसा वसूला जाता है।
🔍 क्यों है यह चिंता की बात?
यह फाइनेंशियल इंक्लूजन (Financial Inclusion) के लक्ष्य के खिलाफ है
गरीब लोग बैंकिंग सिस्टम से दूर हो सकते हैं
बैंकिंग सुविधा की जगह लोगों को फाइनेंशियल स्ट्रेस मिल रहा है
🧾 क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
सांसद ने सुझाव दिया कि:
बेसिक सेविंग अकाउंट पर पेनल्टी पूरी तरह खत्म हो
छोटे खाताधारकों को राहत मिले
बैंकिंग सिस्टम ज्यादा इन्क्लूसिव और न्यायपूर्ण बने