बच्चों के सामने मिड-डे मील कर्मी की हत्या, स्कूल में दहशत
कांगड़ा सरकारी स्कूल को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कांगड़ा के चनौर में गुरुवार को जो हुआ, उसने इस भरोसे को झकझोर दिया। दोपहर के समय, बच्चों की मौजूदगी में एक महिला मिड-डे मील कर्मी पर दराती से जानलेवा हमला कर दिया गया। यह वारदात न सिर्फ क्रूर थी, बल्कि स्कूल परिसर की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या हुआ था स्कूल में?
पुलिस के अनुसार, राजकीय प्राथमिक पाठशाला चनौर में तैनात 59 वर्षीय सुलोचना देवी रसोई में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर चुकी थीं और परोसने की तैयारी में थीं। तभी आरोपी राकेश कुमार उर्फ मोनू दीवार फांदकर स्कूल में घुसा और रसोई में पहुंचते ही दराती से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर शिक्षक पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन्हें धमकाकर पीछे हटा दिया।
मौके पर अफरा-तफरी, आरोपी फरार
आसपास के लोग जुटे तो आरोपी मौके से भाग निकला। तब तक सुलोचना देवी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों को गहरे सदमे में देखा गया।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार
Latest update: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में official details के मुताबिक, वारदात की वजह पैसों का लेन-देन बताई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
स्कूल सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक कड़वा सच सामने लाती है—स्कूल परिसरों में important guidelines और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है। मिड-डे मील जैसी government benefits योजनाओं से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है, जितनी बच्चों की।
निष्कर्ष
बच्चों के सामने हुई यह हत्या समाज के लिए चेतावनी है। स्कूलों में official announcement के स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, प्रवेश नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि शिक्षा का माहौल सुरक्षित रहे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।