टीईटी अनिवार्यता के विरोध में दिल्ली कूच, शिक्षकों ने जताया रोष
लालगंज से शुक्रवार को बड़ी संख्या में परिषदीय शिक्षक दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह रैली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में आयोजित की जा रही है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इस प्रदर्शन का आयोजन किया गया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री विष्णु कुमार सिंह के नेतृत्व में शिक्षक निजी बसों के माध्यम से दिल्ली के लिए निकले। रवाना होते समय शिक्षकों में काफी उत्साह और साथ ही अपनी मांगों को लेकर गंभीरता भी देखने को मिली।
शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2011 में टीईटी लागू की गई थी, ऐसे में उससे पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर इसे अनिवार्य करना पूरी तरह अनुचित है। उनका मानना है कि यह निर्णय उनके साथ अन्याय है और इससे उनकी सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
रैली में शामिल होने वाले शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि पुराने शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए और उनके हितों की रक्षा की जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान कोषाध्यक्ष हिमांशु ओझा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरुण पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, गिरिजादत्त पांडेय और ओमप्रकाश सरोज सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षकों की यह रैली अब राजधानी में होने वाले प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।