दर्दनाक हादसा: कार-एम्बुलेंस टक्कर में महिला शिक्षिका और 8 माह के बेटे की मौत, पति-बेटी घायल

दर्दनाक हादसा: कार-एम्बुलेंस टक्कर में महिला शिक्षिका और 8 माह के बेटे की मौत, पति-बेटी घायल

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। एक तेज रफ्तार टक्कर में सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका और उनके 8 महीने के मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि पति और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की खबर सामने आने के बाद इलाके में शोक का माहौल है। एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।

यह दर्दनाक घटना महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां स्वास्थ्य केंद्र के पास हुई। जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ जिले के जैसवां कुंडा बिहरिया गांव निवासी सायना फारूखी (38) अपने परिवार के साथ कार से घर लौट रही थीं। सायना फारूखी चित्रकूट के राजापुर स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। वह स्कूल का काम पूरा करने के बाद पति और बच्चों के साथ वापस प्रतापगढ़ जा रही थीं।

कार में सायना के साथ उनके पति फैजल (40), बेटी मनाल और 8 महीने का बेटा अब्बास भी मौजूद था। रास्ते में सामने से आ रही एक एम्बुलेंस ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि एम्बुलेंस गलत दिशा से आ रही थी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रखे ईंटों के ढेर से जा टकराई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और पुलिस को सूचना दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार सायना फारूखी और उनके छोटे बेटे अब्बास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में लगे एयरबैग खुलने से पति फैजल और बेटी मनाल की जान बच गई, लेकिन दोनों को गंभीर चोटें आईं।

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद साबित हुआ, जहां एक तरफ मां और मासूम बेटे की मौत का दर्द था, वहीं दूसरी ओर घायल पिता और बेटी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कार और एम्बुलेंस दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या एम्बुलेंस की गलत दिशा में ड्राइविंग इस दुर्घटना की मुख्य वजह बनी।

सड़क हादसे लगातार लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी कई परिवारों को हमेशा के लिए दर्द दे जाती है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत को सामने ला दिया है। हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी और दूसरों की जिंदगी को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करे।

कौशाम्बी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है। उम्मीद है कि घायल पिता और बेटी जल्द स्वस्थ हों और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाए।

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