Gold-Silver Price Today: चांदी हुई धड़ाम, सोने की चमक भी पड़ी फीकी! जानिए क्या हैं ताजा रेट
भारतीय सर्राफा बाजार में 18 जून को सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे सोने की रफ्तार आज कुछ धीमी नजर आई, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शादी-विवाह का सीजन हो या निवेश की योजना, सोना और चांदी हमेशा भारतीय परिवारों की पहली पसंद रहे हैं। ऐसे में कीमतों में होने वाला हर छोटा बदलाव आम लोगों की जेब और निवेश रणनीति पर सीधा असर डालता है।
आज के ताजा बाजार रुझानों की बात करें तो सोने की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन इसमें हल्की नरमी देखने को मिली है। वहीं चांदी की कीमतों में अपेक्षाकृत अधिक दबाव दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की बदलती रणनीतियां इन उतार-चढ़ावों की प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज सोना और चांदी दोनों दबाव में दिखाई दिए। सोने के वायदा भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में कमजोर स्तर पर कारोबार करता नजर आया। हालांकि कीमतें अभी भी रिकॉर्ड स्तरों के करीब बनी हुई हैं, जिससे यह साफ है कि लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा अभी भी सोने पर कायम है। दूसरी ओर चांदी में 0.44 प्रतिशत तक की नरमी दर्ज की गई, जिसने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली है।
यदि हाल के दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है। 16 जून को जहां सोना मजबूत स्थिति में बना हुआ था, वहीं चांदी के दाम में एक ही दिन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद से चांदी लगातार दबाव में बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक बाजारों में निवेशकों की सतर्कता चांदी की कीमतों पर असर डाल रही है। वहीं सोने को अभी भी सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है, इसलिए इसमें बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।
कीमतों में आई इस नरमी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और वैश्विक तनावों में कमी जैसे कारक सोने-चांदी के बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। आमतौर पर जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। लेकिन जब आर्थिक हालात स्थिर दिखने लगते हैं और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ती है, तब सोने और चांदी की मांग में कुछ कमी आ सकती है। यही वजह है कि फिलहाल दोनों धातुओं की कीमतों पर दबाव दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय बाजार पर नजर बनाए रखने का है। कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव निवेश का स्वाभाविक हिस्सा है और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। वहीं जिन लोगों की शादी या अन्य पारिवारिक जरूरतों के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना है, वे स्थानीय बाजार में कीमतों की तुलना करके बेहतर सौदा कर सकते हैं।