UP के 1.86 लाख परिषदीय शिक्षकों को देनी होगी विशेष TET, 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करना अनिवार्य

UP के 1.86 लाख परिषदीय शिक्षकों को देनी होगी विशेष TET, 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करना अनिवार्य

उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.86 लाख शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बेसिक शिक्षा विभाग उन शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने अभी तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ऐसे शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।

बेसिक शिक्षा विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 1.86 लाख शिक्षक ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति वर्ष 2011 से पहले हुई थी और जिन्होंने अब तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं की है। विभाग ने सभी जिलों से ऐसे शिक्षकों का विस्तृत विवरण मांगा है। साथ ही यह भी जानकारी एकत्र की जा रही है कि कितने शिक्षक पहले ही टीईटी पास कर चुके हैं और कितने शिक्षकों को अभी परीक्षा देनी है।

यह पूरा मामला अनजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट की याचिका से जुड़ा हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकों के अनुरूप कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी आवश्यक है। इसी क्रम में पहले टीईटी पास करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 निर्धारित की गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार केवल नए शिक्षक ही नहीं बल्कि पांच वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके शिक्षक भी निर्धारित समय सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य होंगे। इसी कारण बेसिक शिक्षा विभाग विशेष टीईटी आयोजित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य कर रहा है ताकि प्रभावित शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिल सके।

विभागीय सूत्रों के अनुसार विशेष टीईटी के आयोजन के लिए अलग से नियमावली और दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। परीक्षा की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन व्यवस्था और मूल्यांकन पद्धति को लेकर जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। विभाग का प्रयास है कि परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी और सुगम हो ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

इस बीच शिक्षक संगठनों ने समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 किए जाने का स्वागत किया है। संगठनों का कहना है कि इससे शिक्षकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि विशेष टीईटी का स्वरूप व्यावहारिक और शिक्षक हितों के अनुरूप रखा जाए।

उधर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को भी बढ़ा दिया है। अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 24 जून तक छुट्टियां रहेंगी जबकि 25 जून से नियमित शिक्षण कार्य शुरू होगा। 22 से 24 जून के बीच शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित रहकर नए शैक्षिक सत्र की तैयारियां पूरी करेंगे।

विशेष टीईटी की संभावित घोषणा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब प्रदेश के लाखों शिक्षकों की निगाहें बेसिक शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले समय में जारी होने वाले दिशा-निर्देश यह तय करेंगे कि परीक्षा कब आयोजित होगी और शिक्षकों को किन शर्तों के तहत इसमें शामिल होना होगा।

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