यूपी में मौसम ने ली करवट: आज 19 जिलों में गरज-चमक और आंधी का अलर्ट, ओलावृष्टि के भी।

यूपी में मौसम ने ली करवट: आज 19 जिलों में गरज-चमक और आंधी का अलर्ट, ओलावृष्टि के भी।

उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई। कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई, जबकि कुछ जिलों में आंधी और तूफान ने भारी नुकसान भी पहुंचाया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 19 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 12 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।

गुरुवार को गोरखपुर में सबसे अधिक 75 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बलिया में 64 मिमी, बाराबंकी और संत कबीर नगर में 48-48 मिमी वर्षा हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर जारी है। हालांकि 13 जून के बाद इस सिस्टम के कमजोर पड़ने की संभावना है, जिसके चलते तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है और गर्मी दोबारा परेशान कर सकती है।

आंधी और बारिश से कई जिलों में भारी नुकसान

बुधवार और गुरुवार को आई तेज आंधी और बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही मचा दी। पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई स्थानों पर सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। बरेली में हालात इतने खराब रहे कि ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई।

 

इस खराब मौसम के दौरान कौशांबी में दो लोगों की मौत हुई, जबकि झांसी, बरेली, अलीगढ़, देवरिया और मेरठ में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। कुल मिलाकर सात लोगों की मौत की सूचना सामने आई है।

 

बरेली में तेज आंधी के कारण लगभग 200 बिजली के खंभे गिर गए, जिससे पूरे जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। वहीं अलीगढ़ में जेके सीमेंट फैक्टरी की चेक पोस्ट गिरने से ड्यूटी पर तैनात गार्ड इंद्रजीत की मौत हो गई। मुजफ्फरनगर में दीवार गिरने से एक मजदूर की जान चली गई।

 

मेरठ, बुलंदशहर और मथुरा में भी दिखा तूफान का असर

 

मेरठ में करीब 70 पेड़ गिर गए और लगभग 100 बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बुलंदशहर के अहमदगढ़ क्षेत्र में एक मोबाइल टावर घर की छत पर गिर गया। जिले में 300 से अधिक पेड़ टूटकर गिर गए और कई स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग भी धराशायी हो गए।

 

मथुरा में रात के समय करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। दर्जनों पेड़, खंभे और होर्डिंग गिर गए, जबकि सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

 

पूर्वांचल में भी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं

 

पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया, जौनपुर और चंदौली जिलों में भी तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए। मऊ जिले में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति झुलस गया। देवरिया जिले के जोगिया गांव में बिजली गिरने से 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई।

 

बारिश और तूफान के कारण पूर्वांचल के 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कई स्थानों पर बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिनकी मरम्मत का काम जारी है।

लोगों को मिली गर्मी से राहत

हालांकि आंधी और बारिश से नुकसान भी हुआ, लेकिन इससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। सहारनपुर, शामली, बिजनौर और बागपत समेत कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। गोरखपुर में रातभर हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न हों। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

फिलहाल प्रदेश में अगले 24 घंटे मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने और तापमान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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