ग्रीष्मावकाश में जनगणना और परीक्षा ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को मिलेगा अर्जित अवकाश? शासन को भेजा गया प्रस्ताव
उपर्युक्त विषयक कृपया श्री लालमणि द्विवेदी प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पत्र दिनांक-18.05.2026 (प्रति संलग्न) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिनके द्वारा अवगत कराया गया है कि वर्ष 2026 में मई तथा जून माह में होने वाले जनगणना कार्य में प्रदेश के सभी जनपदों में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की गीष्मावकाश में ड्यूटी लगाई जा रही है। इसी मध्य 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश के दौरान प्रायः सभी रविवार व अन्य दिनों में आयोजित हो रही अनेक सार्वजननिक परीक्षाओं व उसकी ब्रीकिंग में डयूटी के लिए रोका जा रहा है। उपरोक्त परीक्षाओं में ड्यूटी के निमित्त कतिपय जिला विद्यालय निरीक्षकों के द्वारा शिक्षकों को स्टेशन छोडने पर रोक लगा दी गई है।
इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अध्याय-3 के विनियम 99 के अन्तर्गत सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों को विभिन्न प्रकार के अवकाश उतनी ही अवधि के लिए तथा उन्हीं प्रतिबंधों के अधीन देय होते है, जितनी अवधि के लिए तथा जिन प्रतिबंधों के अधीन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों को उन पर लागू नियमों के अन्तर्गत देय होते है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों को, जो वेकेशन विभागीय होते है, उपर्जित अवकाश का विनियमन ऐसी दशा में जब उनकों शासकीय कार्य के कारण सम्पूर्ण या आंशिक दीर्घावकाश का उपभोग करने दिया गया हो, वित्तीय नियम संग्रह, खंड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम 81 ख (1) के द्वितीय प्रतिबंधात्मक खण्ड के प्रावधानों द्वारा होता है। यह प्रावधान निम्नवत् है।
1-उसी स्वीकृत की जाने योग्य अर्जित छुट्टी की अवधि में से कार्य के प्रत्येक वर्ष के लिए जिसमें वह पूरा दीर्घावकाश ले, तीस दिन घटा दिये जायें।
2- यदि सरकारी कार्य के कारण वह किसी वर्ष पूरा दीर्घावकाश न मिल सके जैसा कि सहायक नियम 145 और 146 में उपबन्धित है, तो उसी स्वीकृत की जाने योग्य अर्जित छुट्टी में से तीस दिन का वह भाग घटा दिया जायेगा जो उसी अनुपात के बराबर हो जो अनुपात लिए गए दीर्घावकाश के भाग का सम्पूर्ण दीर्घवकाश से हो।
उपरोक्त प्रावधानों के अन्तर्गत शासनादेश संख्या-1527/15-7-1/84 दिनांक 24 फरवरी 1986, पत्रांक मा० (2)/डी०ई०/82-221/सोलह-()87-88 दिनांक 09 अप्रैल 1987 व पत्रांक मा० शि० प०/नियोजन-दश/390 दिनांक 06 जुलाई 1992 तथा पत्रांक मा०शि०प०/नियोजन-दस/72 दिनांक 27-04-195 द्वारा बोर्ड परीक्षाओं, मूल्यांकन, प्रशिक्षण, जनगणना आदि का कार्य ग्रीष्म अवकाश में लिए जाने के बदले पूर्व में शिक्षकों को अर्जित अवकाश के आदेश समय-समय पर निर्गत किए गए है।
अतः उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री द्वारा किये गये अनुरोध के कम में वर्ष 2026 में ग्रीष्मवकाश की अवधि में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के जिन शिक्षकों व प्रधानाचार्यों से जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य तथा सर्वजनिक परीक्षाओं व उसके ब्रीफिंग आदि का कार्य लिया जा रहा है, उनको भी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों की भांति उपर्जित अवकाश दिया जाना समीचीन होगा।
शासन कृपया उपरोक्त स्थिति से अवगत होते हुए प्रकरण पर निर्णय लेने का कष्ट करें।

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