पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी list download करें, 1.41 करोड़ नाम हटे
उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। लंबे समय से इस सूची का इंतजार किया जा रहा था और इसकी तिथि कई बार आगे बढ़ाई गई थी। अब जिला स्तर पर मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा रही है, हालांकि तकनीकी कारणों से कई जगहों पर सूची डाउनलोड करने में परेशानी भी आ रही है।
इस बार मतदाता सूची में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। आयोग की ओर से मतदाताओं को 9 अंकों का विशेष पहचान नंबर भी दिया गया है। इससे मतदाताओं की पहचान और चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग पहली बार पंचायत चुनाव में आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग कर रहा है।
1.41 करोड़ नाम हटे, 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े
जारी आंकड़ों के अनुसार अनंतिम मतदाता सूची में कुल 12.69 करोड़ मतदाता शामिल थे। सूची के पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए, जबकि 21.08 लाख मतदाताओं के विवरण में संशोधन किया गया। वहीं 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए।
अगर वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव से तुलना की जाए तो उस समय मतदाताओं की संख्या 12.29 करोड़ थी। अब यह संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ पहुंच गई है। यानी पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में लगभग 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े हैं। यह बढ़ोतरी ग्रामीण क्षेत्रों में नए मतदाताओं के जुड़ने का संकेत मानी जा रही है।
मतदाता सूची में नाम जुड़ने या हटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें मतदाता की मृत्यु, स्थान परिवर्तन, दोहरी प्रविष्टि या रिकॉर्ड में त्रुटियां प्रमुख हैं। आयोग ने दावा किया है कि सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए व्यापक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई है।
पहली बार मिलेगा स्टेट वोटर नंबर
इस बार पंचायत चुनाव में सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर दिया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रत्येक मतदाता की अलग पहचान सुनिश्चित की जाएगी। मतदाताओं का फोटो सहित पूरा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मामला | यूपी पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी |
| कुल मतदाता | 12.69 करोड़ |
| नए जोड़े गए मतदाता | 1.81 करोड़ |
| सूची से हटाए गए नाम | 1.41 करोड़ |
| संशोधित प्रविष्टियां | 21.08 लाख |
| पिछले चुनाव की तुलना में वृद्धि | 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े |
| नई सुविधा | सभी मतदाताओं को 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर |
| मतदाता सूची देखने का लिंक | यहां क्लिक करें |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://sec.up.nic.in/ |
| वर्तमान स्थिति | तकनीकी गड़बड़ी के कारण सूची डाउनलोड करने में समस्या आ सकती है |
नोट: यदि मतदाता सूची डाउनलोड नहीं हो रही है, तो कुछ समय बाद पुनः प्रयास करें।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक बार मतदान नहीं कर सकेगा। मतदान केंद्र पर मोबाइल एप के माध्यम से मतदाता की फोटो का सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति पहले ही वोट डाल चुका होगा तो सिस्टम तुरंत इसकी जानकारी दे देगा।
इस तकनीकी व्यवस्था से फर्जी मतदान रोकने और चुनाव प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण स्तर पर पहली बार इस तरह की डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है।
सूची डाउनलोड करने में आ रही समस्या
मतदाता सूची जारी होने के बाद कई जिलों से यह जानकारी सामने आई है कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण सूची डाउनलोड करने में समस्या हो रही है। बड़ी संख्या में लोग वेबसाइट पर सूची देखने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके कारण सर्वर पर दबाव बढ़ गया है।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम समस्या को दूर करने में लगी हुई है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को सूची देखने में परेशानी हो रही है तो वह कुछ समय बाद दोबारा प्रयास कर सकता है। जिला स्तर पर भी मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्राम प्रधानों को दी गई प्रशासक की जिम्मेदारी
पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाने के कारण प्रदेश के 57,694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन की ओर से इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे ग्राम प्रधान अब कोई भी नया विकास कार्य सीधे शुरू नहीं कर सकेंगे। उन्हें पहले जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव भेजना होगा और जिला अधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही नया कार्य कराया जा सकेगा।
हालांकि पहले से स्वीकृत, निर्माणाधीन या मरम्मत से जुड़े कार्यों का भुगतान और संचालन पहले की तरह जारी रह सकेगा। इसके लिए भौतिक और तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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