शिक्षकों की मांग रंग लाई: सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश 28 तक बढ़ा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने शिविरा पंचांग 2026-27 में संशोधन को मंजूरी देते हुए ग्रीष्मावकाश की अवधि बढ़ा दी है। अब सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश 17 मई से 28 जून तक रहेगा।
इसके साथ ही संस्था प्रधानों द्वारा घोषित किए जाने वाले अधिकृत अवकाश भी पूर्व की भांति एक के स्थान पर दो दिन कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन ने इस संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर एवं समग्र शिक्षा अभियान को पत्र जारी कर संशोधन की स्वीकृति प्रदान की है। पहले शिविरा पंचांग में 17 मई से 20 जून तक 35 दिन का ग्रीष्मावकाश निर्धारित किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 43 दिन कर दिया है। दरअसल, राज्यभर के शिक्षक संगठनों द्वारा पिछले कई दिनों से ग्रीष्मावकाश बढ़ाने की मांग की जा रही थी।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना: फॉर्म भरने से पहले यह जरूरी, नहीं तो आवेदन में हो सकती है बड़ी गलती
1.86 लाख बेसिक शिक्षकों की विभागीय परीक्षा की तैयारी, CM योगी ने दिए निर्देश
उनका कहना था कि राजस्थान में जून माह के दौरान भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहता है, ऐसे में कम अवकाश होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने सरकार और शिक्षा विभाग को ज्ञापन भेजकर पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई थी। इसी प्रकार शिविरा पंचांग में संस्था प्रधानों को सत्र के दौरान दिए जाने वाले अधिकृत अवकाशों की संख्या दो से घटाकर एक कर दी गई थी। संशोधन के बाद इसे भी फिर से दो दिन कर दिया गया है, जिससे स्कूल स्तर पर आवश्यक परिस्थितियों में प्रशासनिक सुविधा मिल सकेगी। हालांकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांग का आंशिक समाधान किया है।
शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि पहले 17 मई से 30 जून तक कुल 45 दिन का ग्रीष्मावकाश मिलता था। राज्य में जून के अंतिम दिनों तक भी भीषण गर्मी रहती है, इसलिए अवकाश पूर्व की भांति 30 जून तक ही किया जाना चाहिए।
यह भी पढ़े।
कैशलेस हॉस्पिटल लिस्ट उत्तर प्रदेश, देखें अपने जिले का हॉस्पिटल
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना हेतु आवेदन एवं E-KYC की सम्पूर्ण प्रक्रिया।
3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम देकर मिलेगा कैशलेस चिकित्सा लाभ, जानिए क्यों ?