Basic Shiksha Parishad:- स्कूल इस दिन खुलेंगे, नए सत्र से निपुण तालिका होगी अनिवार्य, शिक्षकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए नए शैक्षणिक सत्र का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल से गुलजार होने जा रहे हैं। इस बार स्कूलों के खुलने के साथ सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था भी लागू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने नए सत्र से कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के लिए निपुण तालिका को अनिवार्य बना दिया है।
प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में 20 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों को लगभग 27 दिनों की छुट्टियां दी गई थीं। अब शिक्षा विभाग के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार 15 जून को अवकाश समाप्त होगा और 16 जून 2026 से प्रदेश के सभी बेसिक स्कूलों में नियमित पठन-पाठन शुरू हो जाएगा। स्कूल खुलने के साथ ही नए प्रवेश, विद्यार्थियों का स्वागत और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए विद्यालयों को पहले से तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नए शैक्षणिक सत्र की सबसे बड़ी खासियत निपुण तालिका होगी। यह व्यवस्था निपुण भारत मिशन के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत बनाना है। अब शिक्षक प्रत्येक बच्चे की पढ़ने, लिखने, समझने और गणितीय क्षमता का नियमित रिकॉर्ड तैयार करेंगे। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि कौन से विद्यार्थी अपेक्षित स्तर तक पहुंच चुके हैं और किन बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता की आवश्यकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निपुण तालिका का एक बड़ा फायदा अभिभावकों को भी मिलेगा। अक्सर माता-पिता को यह समझने में कठिनाई होती है कि उनका बच्चा वास्तव में पढ़ाई में कितना आगे बढ़ रहा है। नई व्यवस्था के तहत बच्चों की प्रगति का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे अभिभावक अपने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद भी मजबूत होगा, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल खुलने से पहले परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, कक्षाओं की तैयारी और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पहले दिन बच्चों का स्वागत उत्साहपूर्ण वातावरण में किया जाएगा ताकि वे नई ऊर्जा और उत्साह के साथ पढ़ाई शुरू कर सकें। कई जिलों में प्रवेश अभियान और नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की तैयारी है।
गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा है कि निपुण तालिका का प्रभावी क्रियान्वयन प्राथमिक शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा। उनके अनुसार इस व्यवस्था से शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों की पहचान करने और उन पर विशेष ध्यान देने में सुविधा मिलेगी। इससे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी और बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, 16 जून 2026 से शुरू होने वाला नया शैक्षणिक सत्र उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। एक ओर बच्चे गर्मी की छुट्टियों के बाद फिर से स्कूल लौटेंगे, वहीं दूसरी ओर निपुण तालिका जैसी नई व्यवस्था शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का आधार बनेगी। यदि इसका प्रभावी ढंग से पालन किया गया तो आने वाले समय में प्रदेश के लाखों बच्चों की सीखने की क्षमता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि नए सत्र को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
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