शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक: 16 जून से पहले संवरेंगे स्कूल, प्रवेश उत्सव की तैयारियों को लेकर सख्त निर्देश
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए विभाग लगातार समीक्षा बैठकों का आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में आमला के सेंट थॉमस स्कूल तोरनवाड़ा में विकास खंड स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, स्कूलों की तैयारियों का आकलन करने और छात्रहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। आगामी 16 जून से शुरू होने वाले प्रवेश उत्सव को देखते हुए अधिकारियों ने सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक की अध्यक्षता नवागत जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सुधीर कुमार साकेत ने की। उन्होंने विभिन्न जन शिक्षा केंद्रों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान नामांकन अभियान, ट्रांजेक्शनल एंट्री, एसडीएमएस प्रोग्रेशन, अपार आईडी, निःशुल्क साइकिल वितरण, गणवेश वितरण और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। डीपीसी ने स्पष्ट कहा कि छात्रों से जुड़ी सभी योजनाओं का कार्य शत-प्रतिशत समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए 16 जून से प्रवेश उत्सव शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। बैठक में स्कूल भवनों की साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत, किचन शेड की व्यवस्था और रंग-रोगन जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। डीपीसी ने कहा कि विद्यालयों का वातावरण ऐसा होना चाहिए कि नए छात्र और उनके अभिभावक स्कूल में प्रवेश करते ही सकारात्मक अनुभव महसूस करें। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण भी विद्यार्थियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैठक में “उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम” की भी समीक्षा की गई। इस अभियान का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाना है। डीपीसी ने निर्देश दिए कि सभी पात्र व्यक्तियों और अक्षर सैनिकों का एप के माध्यम से शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि साक्षरता अभियान समाज में जागरूकता और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर दिखाई देगा।
विकास खंड स्रोत समन्वयक मनीष धोटे ने बैठक के अंत में आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि जिन क्षेत्रों में ब्लॉक का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, वहां विशेष रणनीति के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जन शिक्षकों और शिक्षा केंद्र प्रभारियों के सहयोग से लंबित कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। बैठक में एपीसी तुरीया, वासुदेव धोटे, धाड़से, नवीन वरवड़े, बीएसी अजय सिंह परमार, साहेबराव कोशे सहित अनेक अधिकारी और जन शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि नए शिक्षा सत्र को बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। यदि स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं समय पर दुरुस्त हो जाती हैं और छात्रहित की योजनाएं निर्धारित समय में पूरी हो जाती हैं, तो इसका सीधा लाभ लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा। आने वाले दिनों में प्रवेश उत्सव और साक्षरता अभियान जैसे कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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