लापरवाही: इन 45 बीएलओ ने कर दी लापरवाही की हद, डीएम ने जारी किया नोटिस हो सकती है 2 साल तक की कैद
पंचायत चुनाव का पुनरीक्षण शुरू हो चुका है। सात दिन बाद भी 45 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) गैरहाजिर हैं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने इन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किए हैं। जिसमें 2 साल तक की कैद का प्रावधान है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 1432 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। आदेश जारी होने के बाद भी 45 बीएलओ ऐसे हैं जो गैरहाजिर हैं। सोमवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त से बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं की गणना, सर्वेक्षण व हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार करनी थीं। वेतन रोके गए, बार-बार चेतावनी देने के बाद भी 45 बीएलओ ने काम शुरू नहीं किया। ऐसे 45 बीएलओ को धारा 32-ए के तहत नोटिस जारी किया है।
मंगलवार तक अगर यह बीएलओ अपने क्षेत्रों में ड्यूटी पर नहीं आए, तो इनके विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी। डीएम ने बताया कि धारा 32-ए में 3 महीने से लेकर 2 साल तक कैद का प्रावधान है। उधर, घर-घर सर्वे में लापरवाही बरतने वाले और ड्यूटी पर नहीं आने वाले 150 से अधिक बीएलओ के वेतन रोकने के निर्देश संबंधित तहसीलों के एसडीएम को दिए हैं। जिले में 29 सितंबर तक घर-घर सर्वे होगा। इस दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले मतदाता अपना नाम सूची में दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।