Gold-Silver Rate:  चांदी की बड़ी गिरावट, हाई लेवल से ₹1.90 लाख सस्ती हुई चांदी, जानिए 10 ग्राम सोने का ताजा भाव

Gold-Silver Rate:  चांदी की बड़ी गिरावट, हाई लेवल से ₹1.90 लाख सस्ती हुई चांदी, जानिए 10 ग्राम सोने का ताजा भाव

सोना और चांदी भारतीय निवेशकों की पहली पसंद माने जाते हैं। जब भी बाजार में उतार-चढ़ाव आता है, निवेशकों की नजर सबसे पहले इन दोनों कीमती धातुओं पर जाती है। पिछले कुछ दिनों में सोना और चांदी के दामों में बड़ी हलचल देखने को मिली है। खासतौर पर चांदी की कीमत में आई तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को हैरान कर दिया है। चार कारोबारी दिनों के भीतर चांदी के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद यह अपने रिकॉर्ड हाई स्तर से करीब 1.90 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है।

यदि आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, निवेश करना चाहते हैं या फिर बाजार की गतिविधियों पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर चांदी और सोने के भाव में कितना बदलाव आया है और इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

चार दिनों में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट

पिछले सप्ताह के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में लगातार कमजोरी देखने को मिली। 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव लगभग 2,537 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 2,67,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। यह गिरावट निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।

यदि सप्ताह भर के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन चांदी का भाव 2,71,846 रुपये प्रति किलोग्राम था। इसके मुकाबले कीमत में लगभग 4,846 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में फिलहाल चांदी पर दबाव बना हुआ है।

घरेलू बाजार में भी कमजोर हुई चांदी

सिर्फ वायदा बाजार ही नहीं, बल्कि घरेलू सर्राफा बाजार में भी चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, पिछले सप्ताह जहां एक किलोग्राम चांदी का भाव करीब 2,66,000 रुपये था, वहीं अब यह घटकर 2,63,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।

चांदी की कीमत में यह गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत की खबर हो सकती है जो आने वाले समय में चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि जिन निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी, उनके लिए यह स्थिति चिंता का कारण भी बन सकती है।

रिकॉर्ड हाई से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हुई चांदी

चांदी की मौजूदा कीमत की तुलना यदि इसके ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से की जाए तो गिरावट और भी ज्यादा बड़ी दिखाई देती है। जनवरी 2026 में MCX पर चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था। उस समय चांदी का भाव बढ़कर 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था।

हालांकि रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना और चांदी की कीमत नीचे आती गई। वर्तमान स्तर पर देखें तो चांदी अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 1,90,328 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बाजार के इतिहास में बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।

सोने की कीमत में भी आई नरमी

जहां चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली, वहीं सोने के भाव में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई। MCX पर 22 मई को 24 कैरेट सोने का भाव 1,61,320 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन यह घटकर 1,61,049 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

हालांकि सोने में गिरावट चांदी जितनी बड़ी नहीं रही, लेकिन निवेशकों ने इसमें भी नरमी महसूस की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का असर सोने की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

 

हाई लेवल से काफी नीचे आया सोना

 

सोने के वायदा भाव की बात करें तो 5 जून एक्सपायरी वाला सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। मौजूदा कीमत के हिसाब से यह लगभग 41,935 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।

घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। IBJA के आंकड़ों के अनुसार 10 ग्राम सोने का भाव 1,58,117 रुपये से घटकर 1,56,463 रुपये पर पहुंच गया है। यानी घरेलू बाजार में सोना लगभग 1,654 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।

सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे क्या वजह है?

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग एवं आपूर्ति का संतुलन सोना-चांदी की कीमतों को प्रभावित करता है। जब निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनाते हैं या वैश्विक बाजार में अनिश्चितता कम होती है, तब अक्सर कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव देखा जाता है।

इसके अलावा मुनाफावसूली भी कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण हो सकती है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशक अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है।

Leave a Comment