गायों के लिए भूसा जुटाएंगे सरकारी टीचर! आदेश की किरकिरी होने पर शिक्षा विभाग का यूटर्न
उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh के बरेली जिले में बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag का एक आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag द्वारा शिक्षकों Teacher’s को बेसहारा गोवंश के लिए भूसा जुटाने की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद शिक्षकों Teacher’s में भारी नाराजगी फैल गई।
मामला बढ़ने और सोशल मीडिया Social media पर आदेश वायरल Viral होने के बाद विभाग vibhag को अपने निर्देशों में बदलाव करना पड़ा। अब शिक्षा विभाग shiksha vibhag ने स्पष्ट किया है कि भूसा दान पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और किसी भी शिक्षक teacher या विद्यालय vidyalaya पर दबाव नहीं डाला जाएगा।
शिक्षकों को गायों के लिए भूसा जुटाने का आदेश
दरअसल, जिले में बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण के लिए गौशालाओं में भूसे की व्यवस्था करने को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) BSA की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) BEO को पत्र latter जारी किया गया था। आदेश में कहा गया था कि हर विद्यालय vidyalaya को 46 किलो भूसा तथा प्रत्येक विकास खंड को कुल 100 क्विंटल भूसा जुटाना होगा। यह भूसा संबंधित खंड विकास अधिकारी या पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा कराया जाना था।
एक हफ्ते में पूरा करने का टास्क
आदेश Order में यह भी कहा गया था कि सभी विद्यालय vidyalaya अपने स्तर से भूसे की व्यवस्था करें और जमा कराने के बाद उसकी रसीद भी कार्यालय में उपलब्ध कराएं, ताकि लक्ष्य की निगरानी की जा सके। प्रशासन ने इस कार्य को एक सप्ताह Week के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों vidyalaya और शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
डीएम ने की अपील
मामले ने तूल पकड़ा तो शिक्षा विभाग shiksha vibhag ने संशोधित आदेश Order जारी कर दिया। नए निर्देश में कहा गया कि भूसा दान पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसमें किसी प्रकार का जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी। वहीं जिलाधिकारी DM अविनाश सिंह ने लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार गौशालाओं में स्वेच्छा से भूसा दान करने की अपील की है।