शिक्षक हैं या मशीन : पढ़ाई छोड़ सभी कामों में शिक्षकों की ड्यूटी, पढ़िए सूचना
परिषदीय विद्यालयों vidyalaya के शिक्षकों Teacher’s से पठन पाठन छोड़ सभी कार्य कराए जा रहे हैं। अप्रैल April माह mahine में शिक्षकों Teacher’s द्वारा स्कूल चलो अभियान school chalo abhiyan चलाया गया। इससे पहले एसआईआर SIR की जिम्मेदारी, फिर जनगणना ट्रेनिंग में लगा दिया गया।और तो और अब जनगणना में मई और जून June माह बीत जाएगा। शिक्षकों Teacher’s की एक ही समस्या नहीं है। शिक्षण के साथ जनपद में सभी कार्य करने वाले शिक्षकों Teacher’s को 10 मिनट minutes देरी से पहुंचने पर निलंबन का पुरस्कार दे दिया जाता है। कुछ ऐसी पीड़ा शुक्रवार को सभी शिक्षकों Teacher’s ने हिन्दुस्तान बोले अलीगढ़ में बयां की।फोटोअलीगढ़ । वरिष्ठ संवाददाताबोले अलीगढ़ अभियान में उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh जूनियर शिक्षक संघ ने भाग लिया।
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संघ ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से बताया। उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh जूनियर शिक्षक संघ ने बताया कि शिक्षकों Teacher’s के सेवानिवृत के बाद उनकी फाइलें आज भी आगरा भेजी जाती है। जबकि वह कार्यालय अलीगढ़ में शिफ्ट होना था। अपने ही पेंशन के शिक्षक teacher बार बार आगरा के चक्कर लगा रहे हैं। शिक्षकों Teacher’s के वेतन vetan से कटने वाली राशि का ब्योरा सैलरी स्लीप, लेखा पर्ची जारी की जाती है। जबकि यहां ऐसा नहीं हो रहा है। शिक्षकों Teacher’s को पता ही नहीं है कि उनके फंड में कितना पैसा है। परिषदीय विद्यालयों vidyalaya में कायाकल्प योजना Yojna के तहत सुविधाओं को विकास किया गया। इस योजना Yojna के तहत करोड़ों रुपये rupye खर्च किए गए पर इन्हें सुरक्षित रखने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। इन स्कूलों school में चौकीदार की तैनाती हो तो स्कूलों school के संसाधन का बचाव हो। शहरी और ग्रामीण विद्यालयों vidyalaya में साफ सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी कोई अधिकारी विद्यालयों vidyalaya में निरीक्षण पर आता है तो सबसे पहले सफाई व्यवस्था को देखता है।
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स्कूलों school की साफ सफाई की व्यवस्था शहरी क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण में ग्राम पंचायत को दी जाए। अन्यथा गंदगी मिलने पर प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जाती है। एमडीएम MDM भी शिक्षक teacher अपनी जेब से बनवा रहे हैं। उसका पैसा भी समय से नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण स्कूलों में रसोइयों को समय से मानदेय नहीं दिया गया है।एमडीएम MDM काम से शिक्षकों Teacher’s को रखें दूरशिक्षकों teacher ने बताया कि शहरी विद्यालयों vidyalaya में एमडीएम MDM बनवाने के कार्य से शिक्षकों Teacher’s को दूर रखा जाए। एमडीएम MDM एनजीओ या महिला समूह द्वारा बनवाई जाए। जिससे शिक्षक शिक्षण कार्य कर सकें। शिक्षकों पर अनावश्यक डेटा फीडिंग का कार्य भी डाला गया है। जबकि अनुदेशक की तैनाती इसी कार्य के लिए है। अनुदेशक को प्रशिक्षण देकर इस कार्य को पूरा कराया जाए। स्कूलों को पीएफएमएस का फंड जारी किया जाता है। पर इस फंड fund को जारी करते ही 10 से 20 दिन day में खर्च करने का दबाव बनाया जाता है।बोर्ड परीक्षाओं Exam का होता है दबावशिक्षकों teacher ने बताया कि यूपी बोर्ड UP board की परीक्षाएं शुरू होते ही शिक्षकों Teacher’s पर ड्यूटी Duty का दबाव डाला जाता है।परीक्षा Exam की ड्यूटी से शिक्षकों Teacher’s को कोई परेशानी नहीं पर कौन से शिक्षक teacher की ड्यूटी लगी है। न तो शिक्षक को पता होता है न ही इंचार्ज प्रधानाध्यापक को। ऐसे में इंचार्ज प्रधानाध्यापक की ड्यूटी परीक्षा Exam में लग गई तो पूरा स्कूल School ही खाली हो जाता है।