जनगणना 2027 में बड़ा बदलाव: अब सुबह-शाम ही होगा सर्वे, सरकार ने बदली टाइमिंग!
उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बार जनगणना का पहला चरण मकानसूचीकरण और मकानों की गणना के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं।
राज्य के प्रमुख सचिव द्वारा 2 मई 2026 को जारी पत्र में साफ कहा गया है कि जनगणना कार्य के दौरान कर्मचारियों की सेहत सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। इस पत्र में केंद्र सरकार के जनगणना निदेशालय के निर्देशों का भी हवाला दिया गया है, जिससे साफ होता है कि इस बार काम को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के बीच पूरे प्रदेश में करीब 5.5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। लेकिन इस दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि फील्ड में काम करने का समय बदलकर सुबह 8 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद रखा जाए। इसका मकसद यह है कि दोपहर की तेज गर्मी और हीट वेव से कर्मचारियों को बचाया जा सके।
इसके अलावा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी सुबह जल्दी शुरू करने को कहा गया है। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, सिर ढककर रखें और धूप में अनावश्यक रूप से ज्यादा देर तक न रहें।
स्वास्थ्य विभाग को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से ORS, पीने का पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार इस बार गर्मी के खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
जिलों में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि किसी भी कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।
यह आदेश सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को भेजा गया है, जिससे पूरे प्रदेश में एक समान तरीके से सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सके।
