फर्जी बीएड अंकपत्र के सहारे सालों तक की सरकारी नौकरी, अब मुकदमा दर्ज, सेवा भी हुई समाप्त, पढ़िए पूरा मामला

फर्जी बीएड अंकपत्र के सहारे सालों तक की सरकारी नौकरी, अब मुकदमा दर्ज, सेवा भी हुई समाप्त, पढ़िए पूरा मामला

अंबेडकरनगर, संवाददाता। उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh के अम्बेडकर नगर जिले में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों document के दम पर सरकारी नौकरी job हासिल करना एक शिक्षिका को भारी पड़ गया। थाना अलीगंज पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय vidyalaya मुजाहिदपुर की सहायक अध्यापिका के खिलाफ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी BSA की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नगर के नेहरू नगर निवासी प्रतिमा पत्नी दिलीप कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल Portal पर शिकायत दर्ज कराई और शिक्षिका के दस्तावेजों document को फर्जी बताया। शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हुई। जांच में पता चला कि शिक्षिका ने नौकरी के दौरान जो शैक्षिक अभिलेख जमा किए थे उनमें श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के नाम से जारी बीएड अंकपत्र भी शामिल था।जांच

के दौरान संबंधित महाविद्यालय और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से प्रमाणपत्रों document का सत्यापन कराया गया। दोनों ने बीएड BED अंकपत्र को अमान्य और कूटरचित बताया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी स्पष्ट कर दिया कि यह अंकपत्र विधिसम्मत नहीं है। इसके बावजूद शिक्षिका लंबे समय तक सेवा में बनी रहीं और वेतन vetan व अन्य सरकारी सुविधाएं लेती रहीं। विभाग vibhag ने कई बार नोटिस notice भेजे लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आखिरकार फर्जी दस्तावेजों document के आधार पर हुई नियुक्ति को अवैध मानते हुए शिक्षिका की सेवा नियुक्ति तिथि से ही समाप्त कर दी गई।थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के बाद अधिकारियों के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस Police मामले की जांच में जुट गई है।

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