चयन वेतनमान पर लगा ब्रेक! 2 वेतनवृद्धि रुकीं, शिक्षिका ने खोली भ्रष्टाचार की परतें
शाहजहांपुर: परिषदीय स्कूल की एक सहायक अध्यापिका के मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेतनवृद्धि रोके जाने के कारण उनका चयन वेतनमान अटक गया, जिसके बाद उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और लंबी लड़ाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी दो वेतनवृद्धियां रोक दी गईं। इससे उनका चयन वेतनमान भी प्रभावित हो गया। जब उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
🧾 सात महीने तक लगाती रहीं चक्कर
मामले को सुलझाने के लिए शिक्षिका करीब सात महीने तक बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाती रहीं। इस दौरान उनसे कथित रूप से रिश्वत की मांग भी की गई। शिक्षिका ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
📹 वीडियो सबूत से खुला मामला
सूत्रों के अनुसार, मामले में वीडियो सबूत भी सामने आए, जिसमें रिश्वत लेते हुए संबंधित कर्मियों को देखा गया। इसके बाद जांच शुरू हुई और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा।
⚖️ जांच में फंसा पेंच
जांच के दौरान कई तकनीकी बिंदु सामने आए, जिससे मामला और जटिल हो गया। हालांकि, शिक्षिका लगातार न्याय के लिए प्रयास करती रहीं और अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
🛑 संविदा कर्मियों पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में संविदा कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि विभागीय कार्यों के लिए उनसे अनुचित वसूली की जा रही थी। मामले के सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है।
🔍 अब क्या होगा आगे?
फिलहाल मामले की जांच जारी है। विभागीय स्तर पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। शिक्षिका को उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और उनके रुके हुए वेतनवृद्धि व चयन वेतनमान का लाभ मिल सकेगा।
