21 शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई! 15 दिन में जवाब नहीं तो सीधी बर्खास्तगी बीएसए
मथुरा से एक सख्त संदेश सामने आया है। मथुरा के परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे शिक्षकों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 शिक्षक-शिक्षिकाओं को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। माहौल ऐसा है कि विभाग के अंदर हलचल तेज हो गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने साफ शब्दों में कहा है कि यह आखिरी मौका है। जिन शिक्षकों को नोटिस मिला है, उन्हें 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा। अगर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो सीधे सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जांच में जो बात सामने आई, वह चौंकाने वाली है। कई शिक्षक वर्षों से स्कूल नहीं पहुंचे। कुछ के रिकॉर्ड 2015, 2017 और 2020 से लगातार गैरहाजिरी दिखा रहे हैं। बिना सूचना और बिना स्वीकृत अवकाश के इतनी लंबी अनुपस्थिति को विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
जिन ब्लॉकों में ये शिक्षक तैनात हैं, उनमें चौमुहां, नौहझील, नंदगांव, फरह, बलदेव और गोवर्धन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों के स्कूलों में पढ़ाई पहले से प्रभावित रही है। शिक्षक न होने की वजह से कक्षाएं नियमित नहीं चल पा रही थीं, जिसका सीधा असर छात्रों पर पड़ा।
अब विभाग ‘घोस्ट टीचर्स’ पर सख्ती दिखाते हुए व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा है। योजना यह है कि खाली पदों पर नए शिक्षकों की तैनाती हो, ताकि पढ़ाई फिर से पटरी पर आ सके।
फिलहाल नजर इस बात पर टिकी है कि नोटिस मिलने के बाद कितने शिक्षक सामने आते हैं। अगर जवाब नहीं आया, तो यह कार्रवाई एक बड़ा उदाहरण बन सकती है—और साफ संदेश भी कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।