बरगद की टूटी डाल बनी काल, शिक्षामित्र की दर्दनाक मौत से दहला 

बरगद की टूटी डाल बनी काल, शिक्षामित्र की दर्दनाक मौत से दहला 

शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। खुरागौर-सेमरी मार्ग पर सननगर गांव के पास अचानक एक बरगद के पेड़ की भारी डाल टूटकर गिर पड़ी। उस वक्त वहां से गुजर रहे एक शिक्षामित्र इसकी चपेट में आ गए। सब कुछ इतना अचानक हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही पल में सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।

घर लौटते वक्त हुआ हादसा

मोहम्मदपुर ग्राम पंचायत के मुंजहिया गांव निवासी संगमलाल एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। उनके साथ एक रिश्तेदार भी बाइक पर सवार था। रास्ता सामान्य था, लेकिन सड़क किनारे खड़ा पुराना बरगद का पेड़ खामोश खतरा बना हुआ था। अचानक उसकी जर्जर डाल टूटकर सीधे उनके ऊपर आ गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि संगमलाल गंभीर रूप से घायल हो गए।

इलाज के दौरान तोड़ी दम

घटना के बाद आसपास के लोगों ने बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल भिनगा पहुंचाया। हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने तुरंत मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। आखिरकार उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया। कई घंटों तक चले इलाज के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह latest update सामने आते ही परिवार और गांव में मातम छा गया।

एक और युवक घायल, बाल-बाल बची जान

बाइक पर पीछे बैठे शिवम को भी चोटें आईं, हालांकि वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद उन्होंने जो मंजर देखा, वह किसी के लिए भी डराने वाला था—अचानक गिरती डाल, चीख-पुकार और चारों तरफ भगदड़।

पहले से जर्जर था पेड़, बना खतरे की वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बरगद का पेड़ काफी पुराना था। उसकी कई डालें पहले से सूख चुकी थीं और नीचे की ओर लटक रही थीं। कई बार इसको लेकर चिंता जताई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रात में डाल गिरने के बाद सुबह तक पूरा पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर फैल गया, जिससे यातायात भी लंबे समय तक बाधित रहा।

बड़ा सवाल: कब होगी जिम्मेदारी तय?

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की कहानी भी है। सड़क किनारे खड़े जर्जर पेड़ अक्सर unnoticed रह जाते हैं, लेकिन कभी-कभी यही खतरा जानलेवा बन जाता है। अगर समय रहते इनकी जांच और कटाई होती, तो शायद एक जान बच सकती थी।

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