पदोन्नति प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन, DPC मॉड्यूल तैयार, 8.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अब राज्य सरकार ने पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है। इससे कर्मचारियों को लंबे समय तक फाइलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विभागों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार, अब मानव संपदा पोर्टल पर DPC मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसके जरिए पदोन्नति से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी।

क्या है नया DPC मॉड्यूल – पूरी Details
प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद अब Departmental Promotion Committee (DPC) से जुड़ी सभी जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर ही उपलब्ध रहेगी।
मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभागों को 31 मार्च तक पोर्टल पर जरूरी तैयारियां पूरी करनी होंगी। इस डिजिटल व्यवस्था से राज्य के 8.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारियों के लिए क्या जरूरी होगा – Eligibility और Data Update
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का पूरा सेवा रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट होना जरूरी होगा, ताकि सिस्टम ऑटो फेच के जरिए सही जानकारी ले सके।
वार्षिक परीक्षा में आंशिक संशोधन 17 मार्च के स्थान पर 24 मार्च को होगी।
इसके लिए कुछ अहम जानकारियां अनिवार्य रखी गई हैं:
कर्मचारी का काडर और काडर स्तर
सेवा में शामिल होने की तारीख
विभागीय कार्यवाही से जुड़ा रिकॉर्ड
पदोन्नति से संबंधित पूरी जानकारी
अगर इनमें से कोई भी जानकारी खाली या गलत होती है तो पदोन्नति प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
ACR और अन्य रिकॉर्ड भी होंगे ऑनलाइन
शासनादेश के मुताबिक कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) भी सिस्टम में अपलोड की जाएगी।
अगर किसी विभाग में ACR अभी ऑफलाइन है, तो उसे स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद ये रिकॉर्ड ब्रॉडशीट और स्कोर कार्ड सिस्टम में स्वतः शामिल हो जाएंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी।
विभागों में नियुक्त होगा DPC Coordinator
नई ऑनलाइन प्रक्रिया को सुचारु रूप से लागू करने के लिए प्रत्येक विभाग में एक DPC को-ऑर्डिनेटर अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
यह अधिकारी:
DPC से जुड़े प्रपत्र तैयार करेगा
कर्मचारियों की सूची अपडेट करेगा
पदोन्नति से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया को समन्वित करेगा
इससे विभागों में कागजी कार्यवाही कम होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज हो सकेगी।
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