छुट्टी न मिलने से शिक्षामित्र ने स्कूल में लगाई फांसी, बेटी की शादी से पहले उठाया दर्दनाक कदम

छुट्टी न मिलने से शिक्षामित्र ने स्कूल में लगाई फांसी, बेटी की शादी से पहले उठाया दर्दनाक कदम

बिंदकी (फतेहपुर) से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां छुट्टी न मिलने से मानसिक रूप से परेशान एक शिक्षामित्र ने विद्यालय परिसर में ही फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के अलियाबाद गांव निवासी अविनेश कुमार सविता (45 वर्ष) प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान समय में उनकी ड्यूटी एसआईआर-2026 कार्य में लगाई गई थी। परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी की शादी जल्द होने वाली थी और उसी की तैयारियों को लेकर उन्होंने विभाग से अवकाश की मांग की थी, लेकिन उनकी छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई।

बताया जा रहा है कि शनिवार को वह रोज की तरह विद्यालय पहुंचे। कुछ समय बाद उन्होंने स्कूल के एक कमरे के अंदर जाकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक बाहर न निकलने पर पास में रहने वाले एक अन्य शिक्षामित्र को शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। वह फंदे से लटके मिले।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए और शव को नीचे उतारा गया। तत्काल डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद होने की बात सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर एसआईआर-2026 ड्यूटी के दबाव और छुट्टी न मिलने का जिक्र किया गया है।

घटना से आक्रोशित परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस दर्दनाक घटना ने शिक्षामित्रों की कार्य परिस्थितियों और अवकाश व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और शिक्षामित्र संगठनों में गहरा रोष देखा जा रहा है।

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