Latest Update: पनिशमेंट के नाम पर बच्चों से बदसलूकी का आरोप, स्कूल में हंगामा, प्रिंसिपल हिरासत में  Video

Latest Update: पनिशमेंट के नाम पर बच्चों से बदसलूकी का आरोप, स्कूल में हंगामा, प्रिंसिपल हिरासत में  Video

उत्तर प्रदेश में एक निजी स्कूल से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। रामपुर जिले के भोट थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खूंटा खेड़ा स्थित सेंट फ्रांसीसी स्कूल के प्रिंसिपल जोसेफ पर 8 से 10 वर्ष के बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

परिजनों की शिकायत के बाद कार्रवाई

परिजनों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन के नाम पर अलग-अलग बहानों से परेशान किया जाता था। जब बच्चों ने घर जाकर आपबीती बताई, तो परिजनों ने सामूहिक रूप से पुलिस से शिकायत की। Official complaint के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है।

स्कूल परिसर में बढ़ा तनाव

मामले की जानकारी फैलते ही स्कूल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। नाराज़ परिजन स्कूल में पहुंचे और हंगामा हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

समाज में स्कूलों को बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बेहतर दिशा देने का माध्यम माना जाता है। माता-पिता अपने बच्चों को भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं और शिक्षा को जीवन की मजबूत नींव समझते हैं। ऐसे में जब important guidelines और नैतिक जिम्मेदारियों से जुड़े सवाल खड़े होते हैं, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी बन जाता है।

पुलिस जांच और आगे की प्रक्रिया

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। बच्चों और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और official details के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष

यह मामला एक बार फिर इस बात पर जोर देता है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, व्यवहार और eligibility norms को लेकर सख्त निगरानी जरूरी है। शिक्षा का माहौल तभी सुरक्षित रह सकता है, जब नियमों का पालन हो और शिकायतों पर त्वरित, पारदर्शी कार्रवाई की जाए। अभिभावकों को भी बच्चों से खुलकर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता है, ताकि समय रहते सच्चाई सामने आ सके।

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