Latest Update: बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से अनुपस्थित 40 शिक्षकों पर कार्रवाई, वेतन रोका गया – जानें पूरा मामला
Latest Update: उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 40 शिक्षकों पर सख्त प्रशासनिक कदम उठाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने इन शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है। यह कदम परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर तैनात कुछ शिक्षक निर्धारित केंद्रों पर नहीं पहुंचे। केंद्र व्यवस्थापकों की रिपोर्ट के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
Official Details के अनुसार, अनुपस्थित रहने वालों में
30 शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े हैं
10 शिक्षक माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबंधित हैं
परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में अनुपस्थिति को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
पहले ही रद्द कर दिए गए थे अवकाश
शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा को देखते हुए सभी शिक्षकों के अवकाश पहले ही निरस्त कर दिए थे। इसके बावजूद ड्यूटी पर न पहुंचना विभागीय नियमों का उल्लंघन माना गया है।
अक्सर देखा जाता है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रशासन अतिरिक्त सतर्क रहता है। ऐसे में यदि कक्ष निरीक्षक ही अनुपस्थित हों, तो परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से इस बार सख्त रुख अपनाया गया है।
वेतन रोकने के आदेश
जिला विद्यालय निरीक्षक ने संबंधित शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के मामले में वेतन कटौती की संस्तुति बीएसए को भेजी गई है।
यह कदम एक तरह से important guidelines के तहत की गई प्रशासनिक कार्रवाई है, ताकि भविष्य में कोई लापरवाही न हो।
आगे क्या हो सकती है कार्रवाई?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित शिक्षक आगे भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। यानी मामला केवल वेतन रोकने तक सीमित नहीं रहेगा।
इसे एक तरह का official announcement माना जा रहा है, जिसमें साफ संदेश दिया गया है कि बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों जरूरी है सख्ती?
बोर्ड परीक्षा लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी होती है। यदि परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में कक्ष निरीक्षक मौजूद न हों, तो न केवल परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित होती है बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी बिगड़ सकती है।
सरकार द्वारा समय-समय पर जारी important guidelines और नियमों का पालन करना सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी है। परीक्षा ड्यूटी को अन्य सामान्य कार्यों की तरह हल्के में नहीं लिया जा सकता।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा के दौरान 40 शिक्षकों पर हुई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संकेत है कि परीक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। Latest update के अनुसार वेतन रोक दिया गया है और आगे की कार्रवाई भी संभव है।
शिक्षा विभाग का यह कदम अनुशासन बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में संबंधित शिक्षकों की स्थिति और विभागीय कार्रवाई पर नजर बनी