मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में जन्म, जाति प्रमाणपत्र अंकपत्र वालों को राहत
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में अब नो मैपिंग वाले वोटरों को बड़ी राहत दी गई है। अगर उनके पास जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, हाईस्कूल का अंकपत्र या पासपोर्ट में कोई एक दस्तावेज है तो वो उसे बीएलओ को सौंप सकते हैं। इन चार प्रमाणपत्र में से कोई भी एक प्रमाणपत्र देने वाले को सुनवाई में जाने से छूट मिल जाएगी।

एसआईआर अभियान के दौरान वोटरों को अपने वर्ष 2003 में मतदाता होने या अपने माता-पिता, दादा-दादी या फिर नाना-नानी में किसी का वर्ष 2003 का ब्योरा देना था। जिले में 2.87 लाख मतदाता ऐसे थे, जो उस वक्त का ब्योरा नहीं दे सके। इन वोटरों को नो मैपिंग की सूची में डाला गया और सभी से दस्तावेज देने के लिए कहा गया। आयोग ने 13 प्रकार के दस्तावेज दिए थे, जिसमें जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, सरकारी संस्थान से जारी पहचान पत्र, शिक्षण संस्थान का पहचान पत्र आदि शामिल थे। नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को इन प्रमाणपत्रों को लेकर निर्धारितकोर्ट में सुनवाई के लिए जा रहे थे। इसमें तमाम वोटरों को समस्या आ रही थी। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने धीरे-धीरे नियमों में शिथिलता देने का काम शुरू कर दिया। पहले जो वोटर बाहर थे, उनके रिश्तेदारों को दस्तावेज के साथ आने की छूट दी और अब चार दस्तावेज ऐसे कर दिए हैं, जिन्हें देने पर नोटिस के बाद सुनवाई तक पर जाने की जरूरत नहीं है। इसमें से अधिकांश
GG अब पूरा फोकस नए है। साथ ही सुनवाई की प्रक्रिया को पूरा करना है। इसमें आयोग के निर्देश के क्रम में जरूरी छूट दी गई है। सभी से यही अपील है कि अगर उनकी आयु 18 साल हो चुकी है तो वो नए मतदाता के रूप में अपना फॉर्म भर दें, जिससे उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सके।
– मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
पासपोर्ट विशेष रूप से हाईस्कूल का अंकपत्र तो निश्चित रूप से अधिकांश वोटरों के पास है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा ने बताया कि नो मैपिंग वाले 2.87 लाख वोटर अगर जन्म, जाति प्रमाणपत्र, अंकपत्र या फिर पासपोर्ट में से कोई एक दस्तावेज बीएलओ को देंगे तो उन्हें सुनवाई में जाने की जरूरत नहीं है। वो सिर्फ इसे अपने बीएलओ को दे दें।
यह भी पढ़ें।
मानदेय वृद्धि पर CM योगी और बेसिक शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, जल्द हो सकता है फैसला
मानदेय वृद्धि की उम्मीद: शिक्षामित्र, अनुदेशको को अप्रैल से मिल सकता है बढ़ा हुआ मानदेय