Gold Silver Price Today: 15 दिन में बड़ी गिरावट के बाद फिर हलचल, क्या अब खरीदारी का मौका?

Gold Silver Price Today: 15 दिन में बड़ी गिरावट के बाद फिर हलचल, क्या अब खरीदारी का मौका?

पिछले दो हफ्तों में सोने और चांदी की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, उसने आम खरीदार से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी का ध्यान खींचा है। 29 जनवरी को रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब तक सोना करीब ₹38,000 तक फिसल चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या यह गिरावट खरीदारी का संकेत है या अभी और इंतज़ार करना चाहिए? आइए जानते हैं latest update और official details के साथ पूरी तस्वीर।

MCX पर फिर दिखी तेजी, लेकिन तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं

शुक्रवार, 13 फरवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) यानी MCX पर अप्रैल 2026 डिलिवरी वाला गोल्ड करीब 1.10% चढ़ा। वहीं चांदी में 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

रात 10 बजे तक सोना लगभग ₹1,55,499 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। दिन में इसका लो ₹1,53,153 और हाई ₹1,55,698 रहा।

चांदी की बात करें तो मार्च 2026 डिलिवरी वाली सिल्वर ₹2,44,610 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। दिनभर में इसका दायरा ₹2,38,918 से ₹2,48,786 के बीच रहा।

यानी बाजार में अस्थिरता अभी भी बनी हुई है – एक दिन तेजी, दूसरे दिन दबाव।

15 दिन में ₹38,000 तक टूटा सोना – क्या बदला माहौल?

29 जनवरी को सोना MCX पर करीब ₹1.93 लाख के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद से लगातार मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते कीमतों में नरमी आई।

अगर तुलना करें तो यह वैसा ही है जैसे त्योहारों में अचानक मांग बढ़ने से दाम चढ़ जाते हैं, लेकिन बाद में खरीदारी कम होते ही कीमतें नीचे आ जाती हैं। फिलहाल बाजार में कुछ ऐसा ही ट्रेंड दिख रहा है।

Global Market Update: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हलचल जारी है। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 1% उछलकर लगभग 4,968 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा।

चांदी भी करीब 3% मजबूत होकर 77 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गई।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी महंगाई के आंकड़े (CPI) और ब्याज दरों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक किसी भी बड़े official announcement से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।

क्या रूस-यूक्रेन और अमेरिका-ईरान तनाव का असर?

पिछले कुछ महीनों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने को “safe haven” के रूप में खरीदा जा रहा था। लेकिन हाल में रूस-यूक्रेन संघर्ष में थोड़ी नरमी और अमेरिका-ईरान तनाव में स्थिरता की खबरों से सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कम हुई है।

जब जोखिम कम दिखता है तो निवेशक शेयर बाजार की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने-चांदी पर दबाव आ सकता है।

दिल्ली सर्राफा बाजार में क्या रहे दाम?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मांग में नरमी के बीच चांदी करीब 5% तक टूटकर ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

वहीं 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में ₹13,500 तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना करीब ₹2,400 सस्ता हुआ।

IBJA रेट्स: 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड का हाल

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक शाम 5 बजे जारी रेट्स में भी भारी गिरावट देखी गई।

24 कैरेट गोल्ड करीब ₹2,885 सस्ता होकर ₹1,52,765 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

22 कैरेट गोल्ड में भी करीब ₹2,600 की गिरावट रही।

चांदी में ₹16,700 तक की बड़ी टूट दर्ज हुई और कीमत ₹2,42,433 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

यह साफ संकेत है कि बाजार में फिलहाल volatility ज्यादा है।

Gold Investment: अभी खरीदें या इंतज़ार करें?

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि अगर आप शादी-ब्याह या पारंपरिक जरूरत के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर सकते हैं।

लेकिन अगर मकसद निवेश है, तो एकमुश्त पैसा लगाने से बचना बेहतर रणनीति हो सकती है।

आज के समय में SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सुरक्षित तरीका माना जा रहा है। चाहे वह गोल्ड ETF हो या म्यूचुअल फंड – किस्तों में निवेश से जोखिम कम किया जा सकता है।

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे शेयर बाजार में औसत खरीद मूल्य बनाए रखने की strategy अपनाई जाती है।

Important Guidelines for Buyers

अगर आप सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

BIS हॉलमार्क जरूर चेक करें।

official rate और ज्वैलर के रेट में अंतर समझें।

मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी पहले लें।

निवेश के लिए physical gold के बजाय ETF पर भी विचार करें।

सरकार की ओर से समय-समय पर sovereign gold bond जैसी government benefits योजनाएं भी लाई जाती हैं, जिनकी eligibility और online process की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है।

निष्कर्ष: समझदारी से लें फैसला

सोने-चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट ने खरीदारों को मौका जरूर दिया है, लेकिन बाजार अभी स्थिर नहीं है। वैश्विक संकेत, अमेरिकी CPI डेटा और निवेशकों का मूड – इन सभी पर आगे की दिशा निर्भर करेगी।

अगर आपकी जरूरत तय है, तो योजना बनाकर खरीदें। लेकिन निवेश के नजरिए से देखें तो धीरे-धीरे, रणनीति के साथ और risk management को ध्यान में रखते हुए कदम उठाना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा।

आखिरकार, सोना सिर्फ चमकने वाली धातु नहीं, बल्कि लंबे समय का financial safety cushion भी है – बस सही समय और सही तरीका चुनना जरूरी है।

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