यूपी बोर्ड परीक्षा 2025: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी

यूपी बोर्ड परीक्षा 2025: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर जिले में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा 2025 में इस बार 36,677 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

50 परीक्षा केंद्र, सख्त निगरानी व्यवस्था

जनपद में 50 परीक्षा केंद्रों पर यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

आंकड़ों पर नजर डालें तो—

हाईस्कूल: 20,463 परीक्षार्थी

इंटरमीडिएट: 16,214 परीक्षार्थी

परीक्षा संचालन के लिए करीब 1500 शिक्षक-शिक्षिकाएं कक्ष निरीक्षक सहित अन्य दायित्व निभाएंगी।

CCTV और कंट्रोल रूम से होगी सीधी निगरानी

परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही डीआईओएस कार्यालय में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जहां से सभी केंद्रों की निगरानी होगी।

हर स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत की गई है—

जोनल मजिस्ट्रेट

सेक्टर मजिस्ट्रेट

स्टेटिक मजिस्ट्रेट

केंद्र व्यवस्थापक

सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर

यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक निभाएंगे।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन शिक्षकों को नामित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। नामांकन के बाद उन्हें परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण गाइडलाइंस और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके।

क्या बोले डीआईओएस?

डीआईओएस ओमप्रकाश सिंह ने बताया—

“यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई जाएगी। जल्द ही सभी को नामित कर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।”

निष्कर्ष

यूपी बोर्ड परीक्षा 2025 को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

शिक्षकों की जिम्मेदारी, तकनीकी निगरानी और स्पष्ट गाइडलाइंस के जरिए सरकार का फोकस साफ है—

➡️ नकलमुक्त, पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षा।

अब देखना होगा कि ये तैयारियां ज़मीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं और परीक्षार्थियों को कितना सुरक्षित व निष्पक्ष माहौल मिल पाता है।

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