फरवरी में बिजली बिल बढ़ेगा: उपभोक्ताओं पर 10% अतिरिक्त बोझ

फरवरी में बिजली बिल बढ़ेगा: उपभोक्ताओं पर 10% अतिरिक्त बोझ

लखनऊ: फरवरी महीने में आने वाला बिजली का बिल उपभोक्ताओं को झटका दे सकता है। इस बार बिजली बिल करीब 10 प्रतिशत अधिक आने की संभावना है। इसकी वजह ईंधन अधिभार शुल्क (Fuel Surcharge) में की गई अब तक की सबसे बड़ी वसूली बताई जा रही है, जिसे लेकर पावर कॉरपोरेशन ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

 

बिजली बिल क्यों बढ़ रहा है? (Official Details)

दरअसल, बिजली उत्पादन और ऊर्जा खरीद में आने वाले अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए नियामक आयोग ने पहले ही एक व्यवस्था तय की थी। इसके तहत हर महीने की ईंधन खपत का खर्च तीन महीने बाद आने वाले बिल में जोड़ा जाता है।

यानी जनवरी में हुआ खर्च, उपभोक्ताओं से अप्रैल में वसूला जाता है। इसी प्रक्रिया के चलते फरवरी का बिल ज्यादा आ रहा है।

⚠️ उपभोक्ता परिषद ने उठाए सवाल

इस बढ़ोतरी को लेकर विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आपत्ति दर्ज कराई है। परिषद का कहना है कि यह वसूली दोषयुक्त और अस्पष्ट है। इसी आधार पर नियामक आयोग के सामने लोक महत्व का प्रस्ताव दाखिल किया गया है।

परिषद ने मांग की है कि हर महीने की गणना की जांच पारदर्शी तरीके से की जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

📋 उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश (Important Guidelines)

बिजली बिल ध्यान से जांचें, खासकर Fuel Surcharge वाले हिस्से को

पुराने और नए बिल की तुलना करें

अगर असामान्य बढ़ोतरी दिखे तो बिजली विभाग या उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करें

सभी अपडेट केवल official announcement और विभागीय सूचना के आधार पर मानें

🧾 निष्कर्ष (Conclusion)

फरवरी में बिजली बिल का बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन इसकी गणना और वसूली पर सवाल भी उतने ही गंभीर हैं। आने वाले दिनों में नियामक आयोग का रुख अहम होगा। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे जागरूक रहें, बिल की सही जांच करें और अपने अधिकारों को समझें—क्योंकि सरकारी सुविधाओं और नीतियों का लाभ तभी मिलता है, जब जानकारी पूरी हो।

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