Budget 2026: न्यू टैक्स रिजीम में 5 बड़े बदलाव संभव, टैक्सपेयर्स को मिल सकती है बड़ी राहत

Budget 2026: न्यू टैक्स रिजीम में 5 बड़े बदलाव संभव, टैक्सपेयर्स को मिल सकती है बड़ी राहत

बजट 2026 अब ज्यादा दूर नहीं है और टैक्सपेयर्स की नजरें एक बार फिर न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) पर टिकी हैं। बजट 2025 में टैक्स स्लैब और रिबेट बढ़ने के बाद यह सिस्टम सिर्फ एक विकल्प नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे डिफॉल्ट टैक्स व्यवस्था बनता जा रहा है।
अब सवाल साफ है—
क्या सरकार बजट 2026 में न्यू टैक्स रिजीम को और ज्यादा फायदेमंद बनाएगी?

क्यों फिर चर्चा में है न्यू टैक्स रिजीम?
सरकार की सोच साफ है—
कम जटिलता, कम कागजी काम और आसान टैक्स फाइलिंग।
लेकिन हकीकत यह भी है कि सीनियर सिटीजन्स, होम लोन लेने वाले और मेडिकल खर्च उठाने वाले लोग अब भी ओल्ड टैक्स रिजीम को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर बजट 2026 में कुछ जरूरी सुधार किए गए, तो न्यू टैक्स रिजीम पूरी तरह गेम-चेंजर बन सकती है।

✅ Budget 2026 में न्यू टैक्स रिजीम के 5 संभावित बड़े बदलाव

 

1️⃣ HRA और हेल्थ इंश्योरेंस को मिल सकती है सीमित छूट
फिलहाल न्यू टैक्स रिजीम की सबसे बड़ी कमी यही है कि इसमें
HRA और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।
बढ़ते मेडिकल खर्च को देखते हुए यह कमी अब ज्यादा महसूस की जा रही है।

एक्सपर्ट राय:
आनंद राठी वेल्थ की श्वेता राजानी और डेलॉयट इंडिया के नितिन बैजल मानते हैं कि
अगर सीमित कटौतियां (Limited Deductions) भी जोड़ दी जाएं, तो न्यू टैक्स रिजीम कहीं ज्यादा आकर्षक हो जाएगी।

2️⃣ Standard Deduction में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी
इस समय न्यू टैक्स रिजीम में सबसे बड़ी राहत स्टैंडर्ड डिडक्शन ही है।
लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही है।
क्या हो सकता है बदलाव?
स्टॉकटिक कैपिटल के विजय माहेश्वरी के अनुसार
स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹1 लाख से ₹1.25 लाख तक बढ़ाया जा सकता है।

👉 इससे सीधे तौर पर
नौकरीपेशा लोगों की टेक-होम सैलरी बढ़ेगी
टैक्स का बोझ हल्का होगा

3️⃣ होम लोन और एजुकेशन लोन पर मिल सकती है राहत
घर खरीदना और बच्चों की पढ़ाई—
मिडिल क्लास के लिए ये दोनों सबसे बड़े खर्च होते हैं।
अभी इन लोन पर टैक्स बेनिफिट सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम में मिलता है।
एक्सपर्ट्स का तर्क:
बैंकों के पास पहले से पूरा डिजिटल डेटा मौजूद है,
इसलिए होम लोन और एजुकेशन लोन को न्यू टैक्स रिजीम में शामिल करना
सिस्टम को जटिल बनाए बिना संभव है।

4️⃣ सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग राहत की उम्मीद
सीनियर सिटीजन्स अब भी न्यू टैक्स रिजीम से दूरी बनाए हुए हैं।
कारण साफ है—
मेडिकल खर्च पर कोई छूट नहीं
बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट कम
रिटायरमेंट के बाद इलाज का खर्च बढ़ जाता है।
इसी वजह से बजट 2026 में
सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग टैक्स स्लैब या अतिरिक्त छूट की उम्मीद जताई जा रही है।

5️⃣ लॉन्ग-टर्म निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
सिर्फ टैक्स फाइलिंग आसान करना ही काफी नहीं।
न्यू टैक्स रिजीम को लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग में भी मददगार बनना होगा।
संभावित बदलाव:
इक्विटी LTCG (Long Term Capital Gain) की सीमा
₹1 लाख से बढ़ाकर ₹2–3 लाख की जा सकती है
इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
और शेयर बाजार में स्थिर निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

🧾 निष्कर्ष: क्या बजट 2026 टैक्सपेयर्स के लिए टर्निंग पॉइंट बनेगा?
अगर बजट 2026 में ये बदलाव लागू होते हैं,
तो न्यू टैक्स रिजीम सिर्फ आसान ही नहीं,
बल्कि वास्तव में फायदेमंद टैक्स सिस्टम बन सकती है।
अब सबकी नजरें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं,
जो तय करेगी कि टैक्सपेयर्स की बल्ले-बल्ले होगी या नहीं।

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