चांदी दो दिन में ₹23,000 सस्ती, सोना भी फिसला — निवेशकों के लिए अहम अपडेट

चांदी दो दिन में ₹23,000 सस्ती, सोना भी फिसला — निवेशकों के लिए अहम अपडेट

कमोडिटी बाजार में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाली चांदी अब तेजी से नीचे आई है। सिर्फ दो दिनों में चांदी के दामों में आई भारी गिरावट चर्चा का विषय बनी हुई है।

इसी के साथ सोने के भाव में भी नरमी देखने को मिली है, हालांकि गिरावट सीमित रही।

📉 MCX पर चांदी में तेज गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को 5 मार्च वायदा चांदी के रेट ₹9,000 से ज्यादा टूटे थे।

गुरुवार शाम 7:35 बजे तक गिरावट और बढ़ गई और चांदी ₹14,000 से ज्यादा फिसलकर ₹2,36,552 प्रति किलो पर आ गई।

यह गिरावट इसलिए भी अहम है क्योंकि चांदी हाल ही में अपने ऑल टाइम हाई के आसपास कारोबार कर रही थी।

🪙 सोने के ताज़ा रेट

चांदी के साथ सोना भी दबाव में नजर आया।

बुधवार को 10 ग्राम सोना ₹1,200 सस्ता हुआ

गुरुवार को इसमें ₹1,246 की और गिरावट दर्ज की गई

अब MCX पर सोना ₹1,36,763 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।

📊 रिकॉर्ड हाई से कितनी गिरावट?

रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो गिरावट और साफ नजर आती है—

चांदी का रिकॉर्ड हाई: ₹2,59,692 प्रति किलो

मौजूदा भाव: करीब ₹2,36,500

➡️ दो दिनों में करीब ₹23,000 की गिरावट

सोने का रिकॉर्ड हाई: ₹1,40,465 प्रति 10 ग्राम

मौजूदा भाव: करीब ₹1.36 लाख

➡️ सोना लगभग ₹4,000 सस्ता

💰 गिरावट की वजह क्या है?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली के कारण आई है।

रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।

इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि बड़े ट्रेडर्स ने चांदी में शॉर्ट पोजिशन बनाई है, जिससे गिरावट और तेज हो गई।

🌍 अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

ग्लोबल मार्केट में फिलहाल कीमतें ऊंचे स्तरों के आसपास बनी हुई हैं—

चांदी: $75.8 – $83.6 प्रति ट्रॉय औंस

सोना (Spot): $4,428 – $4,465 प्रति ट्रॉय औंस

यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती बनी है, लेकिन घरेलू बाजार में फिलहाल दबाव दिख रहा है।

🔔 निवेशकों के लिए जरूरी सलाह

जो लोग सोना-चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय लेटेस्ट अपडेट और आधिकारिक आंकड़ों पर नजर रखने का है।

तेजी-गिरावट के इस दौर में बिना रणनीति निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

निष्कर्ष:

रिकॉर्ड हाई के बाद आई यह गिरावट बाजार की स्वाभाविक चाल है। आगे की दिशा अंतरराष्ट्रीय संकेतों और निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

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