8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे में 66% तक बढ़ोतरी की चर्चा, फॉर्मूले पर हो रही बड़ी बहस
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि अगर कुछ प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग 66% तक बढ़ोतरी हो सकती है। हाल ही में नेशनल काउंसिल, ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की बैठक में इसी विषय पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस बैठक में कर्मचारी संगठनों ने एक महत्वपूर्ण सुझाव रखा। उनका कहना है कि वेतन तय करने के लिए इस्तेमाल होने वाला फैमिली यूनिट फॉर्मूला अब पुराना हो चुका है, इसलिए इसे बदलने की जरूरत है। मौजूदा समय में इस फॉर्मूले में परिवार के तीन सदस्यों को आधार माना जाता है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर पांच करने की मांग की जा रही है। यदि यह प्रस्ताव मान लिया जाता है तो इसका सीधा असर फिटमेंट फैक्टर और बेसिक वेतन पर पड़ सकता है।
पे कमीशन में फैमिली यूनिट फॉर्मूले का इतिहास
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयी फेडरेशन के महासचिव सी. श्रीकुमार ने बताया कि फैमिली यूनिट का यह फॉर्मूला बहुत पुराना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1956 में हुई थी, जब 15वें इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में पहली बार इस मॉडल को अपनाया गया था।
तब से लेकर अब तक अलग-अलग वेतन आयोग इसी फॉर्मूले के आधार पर न्यूनतम वेतन और बेसिक पे का आकलन करते रहे हैं। उस समय परिवार का औसत आकार तीन सदस्यों का माना गया था। इसी वजह से सैलरी तय करते समय कर्मचारी, जीवनसाथी और एक बच्चे को आधार मानकर खर्च का अनुमान लगाया जाता था।
अब क्यों उठ रही है फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज के समय में सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। पहले संयुक्त परिवार आम थे, लेकिन अब न्यूक्लियर फैमिली का चलन तेजी से बढ़ा है।
इसके अलावा कई मामलों में माता-पिता की जिम्मेदारी भी कर्मचारियों पर ही होती है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य खर्च भी पहले की तुलना में काफी बढ़ चुके हैं। ऐसे में कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि वेतन तय करते समय परिवार के पांच सदस्यों को आधार माना जाए।
अगर ऐसा होता है तो वेतन निर्धारण का पूरा गणित बदल सकता है और इससे कर्मचारियों को अधिक वेतन मिलने की संभावना बनती है।
66% तक बढ़ सकता है बेसिक पे
रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि फैमिली यूनिट की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर दी जाती है, तो बेसिक वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सामान्य तौर पर माना जाता है कि फैमिली यूनिट में एक सदस्य बढ़ने पर बेसिक वेतन में लगभग 33.33% तक वृद्धि की संभावना बनती है। इस हिसाब से यदि दो अतिरिक्त सदस्यों को शामिल किया जाता है, तो कुल मिलाकर वेतन में करीब 66% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि यह केवल एक संभावित गणना है। अंतिम फैसला वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
सैलरी पर संभावित असर को ऐसे समझें
मान लीजिए किसी केंद्रीय कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी 78,000 रुपये है। अभी महंगाई भत्ता (DA) लगभग 58 प्रतिशत के आसपास है और भविष्य में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है। इसके साथ हर साल मिलने वाला वार्षिक इंक्रीमेंट भी जुड़ता है।
अगर भविष्य में फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.76 के आसपास रहता है, तो गणना के अनुसार कर्मचारी का बेसिक पे करीब 1,38,688 रुपये तक पहुंच सकता है।
दूसरी स्थिति में अगर फैमिली यूनिट को बढ़ाकर पांच कर दिया जाता है और इसके कारण फिटमेंट फैक्टर करीब 2.42 हो जाता है, तो उसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1,90,000 रुपये से ज्यादा तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इससे साफ है कि फैमिली यूनिट फॉर्मूले में बदलाव होने पर कर्मचारियों की सैलरी पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से 8वें वेतन आयोग के गठन या सैलरी बढ़ोतरी के किसी फॉर्मूले पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर चर्चा कर रहे हैं और सरकार के सामने प्रस्ताव रख रहे हैं।
आने वाले समय में जब वेतन आयोग का गठन होगा, तब इन सुझावों पर विचार किया जा सकता है। उसके बाद ही यह तय होगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी और नया वेतन ढांचा कैसा होगा।
कुल मिलाकर, फैमिली यूनिट फॉर्मूले को लेकर चल रही यह बहस केंद्रीय कर्मचारियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी के आधार पर भविष्य में उनकी सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।